कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कहा है कि भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने मौलवी सैयद तनवीर हाशमी, जिन्हें तनवीर पीर के नाम से जाना जाता है, के खिलाफ आतंकवाद से संबंध होने का आरोप लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की कोशिश की।
सिद्दारमैया ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर कहा कि विधायक यतनाल ने मौलवी तनवीर हाशमी के साथ फोटो जारी कर उन पर आरोप लगाए हैं, लेकिन असली निशाना पीएम मोदी ही लगते हैं और यह बात धीरे-धीरे सामने आ रही है।
उन्होंने तंज कसा, “मीडिया में जारी तस्वीरें पीएम मोदी सहित भाजपा नेताओं के मौलवी हाशमी के साथ संबंधों को स्पष्ट रूप से बताती हैं। क्या यह विश्वास किया जा सकता है कि विधायक यतनाल, जो मौलवी हाशमी के पड़ोसी हैं और उनसे करीबी तौर पर जुड़े हुए हैं, को इसके बारे में पता नहीं था।“
कर्नाटक सीएम ने लिखा, “भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष और विपक्ष के नेता (एलओपी) का पद गंवाने के बाद विधायक यतनाल गुस्से से उबल रहे हैं। पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इसका बदला लेने के लिए उन्होंने मुझ पर और मौलवी हाशमी पर आरोप लगाए।”
उन्होंने कहा, “विधायक यतनाल को यकीन था कि इस मुद्दे को उठाने और मेरे खिलाफ आरोप लगाने के बाद, पीएम मोदी के साथ मौलवी के रिश्ते भी सार्वजनिक हो जाएंगे। उन्होंने मेरे खिलाफ आरोप लगाकर नाटक रचा, लेकिन उनका असली इरादा पीएम और भाजपा नेतृत्व का अपमान करना था।“
सिद्दारमैया ने कहा, “सार्वजनिक रूप से मौलवी हाशमी के साथ मेरे मित्रतापूर्ण संबंध रहे हैं। हाशमी ने केंद्र सरकार के माध्यम से जांच को भी चुनौती दी है। अब, पीएम मोदी अपने खिलाफ आरोपों का जवाब देने के लिए मजबूर हैं। अगर हाशमी के आतंकी कनेक्शन हैं तो पीएम मोदी को तुरंत जांच का आदेश देना चाहिए और मौलवी हाशमी के साथ अपने रिश्ते को स्पष्ट करना चाहिए।” उन्होंने मांग की, “अगर यह कार्रवाई नहीं की गई तो कम से कम झूठे आरोपों के लिए विधायक यतनाल के खिलाफ कार्रवाई शुरू करें।”
सीएम सिद्दारमैया ने सवाल किया, “विधायक यतनाल बार-बार ऐसे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा और उनके बेटों पर कई गंभीर आरोप लगाए। यतनाल ने कहा था कि मुख्यमंत्री बनने के लिए पहले आलाकमान को दो हजार करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। विधायक यत्नाल के पीछे कौन सी ताकत है कि वह हाईकमान के खिलाफ इस तरह बोल रहे हैं?”
उन्होंने पूछा, “कौन से ‘जी’ के आशीर्वाद उन्हें सजा से बचा रहे हैं, यह भी सामने आना चाहिए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विधायक यतनाल के मौलवी तनवीर हाशमी के परिवार के साथ व्यापारिक संबंध हैं। केंद्र सरकार को जांच करनी चाहिए कि वह इतने वर्षों तक चुप क्यों थे और ऐसे आरोपों के पीछे क्या कारण हैं?” सीएम सिद्दारमैया ने पीएम मोदी के उस सम्मेलन की तस्वीरें भी साझा कीं जिसमें मौलवी हाशमी ने हिस्सा लिया था।
– एजेंसी
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