पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा से संबंधित आचार समिति की रिपोर्ट लोकसभा में शुक्रवार को विपक्ष के हंगामे के बीच पेश की गई।
विपक्ष की मांग के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस रिपोर्ट पर चर्चा के लिए आधा घंटे का समय तय किया, जिसे विपक्ष ने नाकाफी बताया है। कांग्रेस ने रिपोर्ट के अध्ययन के लिए तीन से चार दिन का समय मांगा है।
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आचार समिति की रिपोर्ट बहुत लंबी है। ऐसे में सदस्यों को इसको पढ़ने का और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि इस मुद्दे पर आज कोई फैसला न लिया जाए। कांग्रेस के मनीष तिवारी ने भी चर्चा के दौरान कहा कि महुआ पर आरोप लगे हैं, लेकिन उनको अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। यह न्याय संगत नहीं है। कोई भी आचार समिति दंड देने की सिफारिश नहीं कर सकती है उसे सिर्फ रिपोर्ट पेश करने का अधिकार है।
उल्लेखनीय है कि भाजपा सदस्य निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर प्रश्न पूछने का आरोप लगाया था। उन्होंने इन आरोपों पर जांच समिति से जांच कराए जाने की मांग की थी। दूबे के आरोप पर लोकसभा अध्यक्ष ने मामले को संसद की आचार समिति को भेज दिया था। दुबे का आरोप था कि महुआ मोइत्रा ने बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से प्रश्न पूछे जाने के एवज में रिश्वत और उपहार लिए हैं। इन आरोपों को हीरानंदानी ने भी स्वीकार किया है।
आचार समिति की रिपोर्ट को सोमवार को सदन में पेश करने के लिए सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन रिपोर्ट पेश नहीं की जा सकी।
– एजेंसी
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