वित्त मंत्री सीतारमण ने आज कहा कि विकास के वैश्विक एजेंडे में समावेशन को प्रमुखता से शामिल जाना चाहिए और ग्लोबल साउथ में व्यापक समावेशन के मुद्दों को सुना जाना चाहिए और उन्हें अगले विकास इंजन के रूप में उभरने का मौका दिया जाना चाहिए।
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित वैश्विक आर्थिक नीति फोरम 2023 के उद्घाटन सत्र के को संबोधित करते हुये श्रीमती सीतारमण कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रत्येक देश का एक एजेंडा होगा जो उसकी आवश्यकताओं के लिए विशिष्ट है, लेकिन कोविड-19 और तीन युद्धों के कारण हुए व्यवधान के बाद सभी की आवाजों काे सुना चाहिए और ग्लोबल साउथ में व्यापक समावेशन के मुद्दों को भी सुना जाना चाहिए और उन्हें अगले विकास इंजन के रूप में उभरने के लिए मदद की जानी चाहिए। भारत की अध्यक्षता में जी-20 में अफ्रीकी संघ को शामिल करना ग्लोबल साउथ के प्रति समावेशन के लिए भारत की मंशा और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सीआईआई द्वारा आयोजित वर्तमान मंच जैसे मंचों को भारत के जी-20 प्रेसीडेंसी के बाद हर साल आयोजित किया जाना चाहिए, यह अगले 25 वर्षों में दुनिया कहां और किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इस पर एजेंडा तय करने के लिए विचारकों द्वारा अधिक चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करेगी।
ऊर्जा के महत्व पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान में ऊर्जा को पूरी तरह से नवीकरणीय ऊर्जा से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संक्रमणकालीन ऊर्जा एक बड़ी चुनौती है जबकि खुद को हरित ऊर्जा की ओर ले जाना भी दूसरी चुनौती है। फिर भी, भारत अनुकूल नीतियों के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र विशेषकर सौर ऊर्जा की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन ग्रिड कनेक्टिविटी पर एक बड़ी पहल है। उन्होंने विश्व स्तर पर जुड़े ग्रिड की वकालत की जो दुनिया में कहीं से भी सौर ऊर्जा प्राप्त करेगा।
समावेशन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर श्रीमती सीतारमण ने डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाने में भारत द्वारा की गई प्रमुख प्रगति के बारे में बात की और कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने में इसके महत्व का देखा जा सकता है ताकि आम आदमी अंतिम लाभार्थी बन जाए और समाज के सबसे दबे कुचले लोगों को लाभ मिल सके।
वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था और समाज में महिलाओं के योगदान की भी चर्चा की और कहा कि ड्रोन दीदी के रूप में महिलाओं की भूमिका एक उदाहरण है।
– एजेंसी
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