महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि उप मुख्यमंत्री अजित पवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के संस्थापक शरद पवार का राजनीतिक कॅरियर समाप्त करने की ‘सुपारी’ दे दी है।
राकांपा के शरद पवार नीत खेमे से जुड़े देशमुख बृहस्पतिवार को वर्धा में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
जुलाई में अजित पवार और राकांपा के आठ अन्य विधायक एकनाथ शिंदे नीत भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल हो गए थे और राकांपा में विभाजन हो गया था।
देशमुख ने कहा कि पूरा महाराष्ट्र और भारत जानता है कि भोपाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण के बाद अजित पवार और उनके साथ पार्टी छोड़कर आए लोग जल्दबाजी में सरकार में शामिल हो गए थे।
राकांपा में विभाजन से पहले मोदी ने पार्टी पर 70,000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया था।
देशमुख ने कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में अपनी गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा, ”क्या आप जानते हैं कि उन्होंने (अजित पवार ने) अलग रास्ता क्यों अपनाया? वरिष्ठ राकांपा नेता वो परेशानी नहीं झेलना चाहते थे जो मैंने सही।”
अजित पवार के समर्थक उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहते हैं, इस बारे में पूछे जाने पर देशमुख ने कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ सहयोगी दलों में क्या फैसला हुआ है, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा, ”हालांकि, उन्हें (अजित पवार को) सरकार में भाजपा के निर्णय लेने की प्रक्रिया से अलग-थलग रखा जा रहा है।”
– एजेंसी
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