बिजली वितरण कंपनी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लि. (टाटा पावर डीडीएल) ने ऊर्जा के बेहतर और अनुकूलतम उपयोग को लेकर अनुसंधान और समाधान विकसित करने के लिये देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी-रुड़की के साथ समझौता किया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तरी भाग में बिजली वितरण करने वाली टाटा पावर डीडीएल ने मंगलवार को बयान में कहा, ‘‘बिजली वितरण कंपनी और आईआईटी-रुड़की ने अपनी ‘ऊर्जा अर्पण’ पहल के तहत बिजली के बेहतर और अनुकूलतम उपयोग के लिये अनुसंधान एवं समाधान विकसित करने को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं। इस पहल का मकसद हरित और पर्यावरण अनुकूल भविष्य है।’’
समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर टाटा पावर डीडीएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गणेश श्रीनिवासन और आईआईटी-रुड़की में हाइड्रो और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रमुख एम के सिंघल ने दस्तखत किये।
इस मौके पर श्रीनिवासन ने कहा, ‘‘आईआईटी-रुड़की के साथ हमारा समझौता हमारे अनुभवों और उनकी अकादमिक श्रेष्ठता का परस्पर मेल कराते हुए, ‘ऊर्जा अर्पण’ के अंतर्गत अनुसंधान पत्र और अधिक नवोन्मेषी विचारों को सामने लाने में मददगार होगा…।’’
सिंघल ने कहा, “हम इस एमओयू को लेकर काफी उत्साहित हैं। हम भारत में जमीनी स्तर की समस्याओं के कारण पेश आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों के समाधान के लिये टाटा पावर-डीडीएल के साथ मिलकर काम कर रहे हैं…।’’
– एजेंसी
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