आम आदमी पार्टी (आप) ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष के नेताओं को चुप कराने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कोशिश है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन संबंधी एक मामले की जांच के तहत दिल्ली के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता राज कुमार आनंद के परिसरों और कुछ अन्य स्थानों पर बृहस्पतिवार को छापा मारा। ‘आप’ ने इसी छापेमारी को लेकर यह प्रतिक्रिया दी हैं
‘आप’ नेता और कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो संदेश में कहा कि ब्रितानी शासनकाल के दौरान भी पुलिस छापेमारी की अनुमति लेने के लिए अदालत जाया करती थी।
उन्होंने कहा, ”लेकिन आज ईडी छापे मारने का खुद ही फैसला करती है। यह विपक्ष की आवाज को चुप कराने का षड्यंत्र है। यह तरीका अपना कर भाजपा 2024 का लोकसभा चुनाव जीत सकती है क्योंकि हालात देखते हुए यह तय है कि चुनाव के बाद उनकी वापसी नहीं होगी।”
बहरहाल, भाजपा की दिल्ली इकाई के सचिव हरीश खुराना ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने कानून के तहत यह कार्रवाई की है।
उन्होंने कहा, ”हम वर्षों से यह कहते आ रहे हैं कि केजरीवाल और उनके मंत्री घोटालों में शामिल हैं। ईडी की कार्रवाई कानून के मुताबिक है। यह पता चला है कि यह छापेमारी कुछ हवाला और सीमा शुल्क संबंधी जांच को लेकर है।”
– एजेंसी
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