घर में आसानी से कुछ खास सब्जियों के साथ आप ग्रीन वेजिटेबल जूस बना सकते हैं. ये जूस बहुत हेल्दी होता है और तेज गर्मी में लू से शरीर को बचाता है. साथ में डिहाइड्रेशन भी नहीं होने देता है. आप ये जूस बच्चों को और बुजुर्गों को भी दे सकते हैं. यहां इसे बनाने की विधि, पीने का समय और तरीका बताया जा रहा है. साथ ही ये भी जानें कि किन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए…
ग्रीन वेजिटेबल जूस कैसे बनाएं?
मौसम के हिसाब से ग्रीन वेजिटेबल जूस में आप कोई भी सब्जियां डाल सकते हैं. लेकिन इस मौसम में आप यहां बताए गए फल और सब्जियों के साथ इसे तैयार करें…
खीरा
लौकी
हरा सेब
पुदीना
आंवला
सबसे पहले खीरा और लौकी को छील लें. लौकी का एक छोटा-पीस ही इसमें डालें.
अगर आप दो गिलास जूस बना रहे हैं तो खीरे जितना बड़ा ही लौकी का पीस डालें, इससे ज्यादा नहीं. आप चाहें तो इसका साइज घटा सकते हैं.
अब सेब, आंवला, पुदीना काटें और सभी को मिक्सी जार में डालकर जूस तैयार कर लें.
ध्यान रखें हेल्दी और डायजेशन को बढ़ाने वाला जूस आपको जूसर में नहीं बनाना है. बल्कि शेक जार में बनाना है. ताकि इन फल सब्जियों के फाइबर इससे अलग ना हों.
अब आप का वेजिटेबल जूस बनकर तैयार है. आप चाहें तो इसमें काला नमक और नींबू का रस मिला सकते हैं. नहीं तो इसको ऐसे ही इंजॉय कर सकते हैं.
वेजिटेबल जूस कब पीना चाहिए?
आप इस जूस को नाश्ते और लंच टाइम के बीच में इंजॉय करेंगे तो ज्यादा फायदेमंद रहेगा. यानी सुबह 7-8 बजे आपने नाश्ता किया है तो आप 11-12 बजे के बीच इस जूस का आनंद लें और फिर 1 से 2 के बीच लंच कर लें.
वेजिटेबल जूस के नुकसान क्या हैं?
वेजिटेबल जूस आमतौर पर कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है. लेकिन कुछ लोगों को किसी खास सब्जी या फल से दिक्कत है तो आप इसका सेवन ना करें.
कुछ लोगों को डायजेशन या आंत संबंधी कोई समस्या है और इस जूस को पीने के बाद कोई दिक्कत होती है तो इन्हें भी इसके सेवन से बचना चाहिए. हेल्दी रहने के लिए हमें यह समझना होगा कि हर फूड या हेल्दी चीज हर किसी की बॉडी को रास नहीं आती है.
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