अंगूर एक ऐसा फल है, जो लगभग सभी उम्र के लोगों को पंसद आता है. ये फल न केवल टेस्टी होता है, बल्कि विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट जैसे जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर भी होता है. हरे अंगूर के फायदों से तो अधिकतर लोग वाकिफ होते हैं, मगर क्या आपने कभी काले अंगूर के फायदों पर गौर किया है? आज हम आपको इन दोनों अंगूर के फायदों के बारे में बताएंगे और यह भी बताएंगे कि कौन सा अंगूर सेहत को ज्यादा फायदा पहुंचाएगा.
काले अंगूर को कॉनकॉर्ड अंगूर के नाम से भी जाना जाता है. ये टेस्ट में काफी मीठे होते हैं. इनका इस्तेमाल आमतौर पर जैम, अंगूर का रस और वाइन बनाने के लिए किया जाता है. कॉनकॉर्ड अंगूर एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जिसमें रेस्वेराट्रोल भी शामिल है. रेस्वेराट्रोल अपने एंटी-कैंसर और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है.
कॉनकॉर्ड अंगूर विटामिन C, विटामिन K और फाइबर का अच्छा सोर्स माने जाते हैं. इनमें कैलोरी की मात्रा कम होती है. यही वजह है कि काले अंगूर वजन घटाने की कोशिश में जुटे लोगों के लिए फायदेमंद है. इसके अलावा, काले अंगूर में नेचुरल शुगर होता है, जिसे फ्रुक्टोज कहा जाता है. ये शुगर डायबिटीज के मरीजों में शुगर स्पाइक का कारण नहीं बनता और शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है.
हरे अंगूर का इस्तेमाल आमतौर पर अंगूर का रस, वाइन और किशमिश बनाने के लिए किया जाता है. इनमें विटामिन C और विटामिन K के साथ-साथ फाइबर और पोटेशियम भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. सिर्फ इतना ही नहीं हरे अंगूर फ्लेवोनोइड्स सहित कई एंटीऑक्सिडेंट के भी एक अच्छा सोर्स हैं. ये एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-कैंसर गुणों के लिए जाने जाते हैं. हरे अंगूर में कैलोरी की मात्रा भी कम होती है और तो और इनमें ग्लूकोज और फ्रुक्टोज जैसे नेचुरल शुगर भी मौजूद होते हैं, जो शरीर को एनर्जी देते हैं.
वैसे तो काले अंगूर और हरे अंगूर दोनों ही स्वस्थ के लिए फायदेमंद होते हैं. हालांकि अगर आप कैलोरी इनटेक पर ध्यान दे रहे हैं तो आपको हरे अंगूर खाने चाहिए. कुल मिलाकर देखा जाए तो दोनों ही अंगूर सेहत के लिए लाभकारी हैं. ये आप पर निर्भर करता है कि आप किस अंगूर को खाना पसंद करते हैं.
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