गंगाराम मुम्बई की सैर करके जब वापस गाँव पहुँचे तो लोगों ने घेर लिया – ‘मुम्बई कैसी है? हमें उसके हाल सुनाओ!
गंगाराम हुक्का गुड़गुडाकर बोले – ‘मुम्बई है तो जोरदार नगरी, पर वहाँ की सरकार बड़ी कंजूस है। पता है एक ड्रायवर की तनख्वाह बचाने के लिए बस के ऊपर, बस रखकर चलाती है। हाँ!😜😂😂😂😛🤣
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जु के किनारे कॉलेज की दो लडकियाँ आपस में बातें कर रही थीं।
पहली ने दूसरी से पूछा, ”पता नहीं लड़के अकेले में कैसी-कैसी बातें
किया करते हैं?
दूसरी- ‘इसी तरह की जैसी हम करती हैं और कैसी?
पहली-‘सच ?
दूसरी-‘तो और क्या ?
पहली-‘हाय राम। ये लड़के कितने बेशर्म होते हैं।😜😂😂😂😛🤣
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हमारे एक प्रोफेसर मित्र हैं जो बहुत भावुक हैं। वे हिन्दी पढ़ाते हैं और
उनकी एक खास आदत है कि वे किसी नवयुवती के नमस्कार का उत्तर
नहीं देते, चुपचाप आगे बढ़ लेते हैं। एक दिन उनके साथ जा रहा था।
रास्ते में कॉलेज की एक लड़की ने उन्हें नमस्कार किया। आदत के
मुताबिक उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया। लड़की ने आखिर साहस करके
पूछ ही लिया, ”सर आप नमस्ते का जवाब क्यों नहीं देते ? ”प्रोफेसर ने
उत्तर दिया-” दस साल पहले एक नमस्ते का जवाब दिया था। आज
तक भुगत रहा हूँ। पाँच बच्चे हैं, रोज सुबह उठकर उन्हें नमस्कार करना
पड़ता है।😜😂😂😂😛🤣
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