सरदार जी दिल्ली गये। घंटाघर के पास उन्हे लगातार घडी की ओर निहारता देख एक व्यक्ति ने उन्हे प्रस्ताव दिया “आप यह घडी खरीद सकते हैं, लाइये हजार रुपये”। सरदार जी प्रसन्न हुए, फौरन हजार रुपये निकाल दिये। वह व्यक्ति “अभी सीढी लाता हूँ” कहकर गायब हो गया। काफी देर इंतजार करने के बाद सरदार जी को भान हुआ कि वे ठगे गये हैं। निराश वे सराय वापस चले गये। अगले दिन उसी जगह फिर से घडी देखते हुए वही व्यक्ति उन्हे मिल गया और उसने फिर से वही प्रस्ताव उन्हे दिया, सरदार जी सतर्क थे बोले “लेकिन इस बार सीढी लेने मै जाऊंगा”।😜😂😂😂😛🤣
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दो सरदार एक क्लिनिक के बाहर बैठे थे, उनमें से एक जोरों से रो रहा था।
उनके बीच का संवाद
दूसराः “क्यों रो रहा है?”
पहलाः “मै खून की जॉच कराने आया था”
दूसराः “तो, डर गया क्या”
पहलाः “अरे उन्होने मेरी उंगली में छेद कर दिया”
अब दूसरा सरदार जोरों से रोने लगा
पहलाः “अब तुझे क्या हुआ”
दूसराः “अरे मै पेशाब की जॉच कराने आया हूं”😜😂😂😂😛🤣
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दो सरदार एक होटेल पंहुचे और चाय के साथ जेब से सैन्डविच निकाल कर खाने लगे। “आप अपने खुद के सैन्डविच यहां नही खा सकते”, होटेल मालिक ने विरोध किया। दोनों सरदारों ने तुरंत सैन्डविच बदल लिये।😜😂😂😂😛🤣
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