लिवर बॉडी का महत्वपूर्ण आर्गन है. ये पाचन तंत्र में बड़ा योगदान करता है. लिवर में प्रॉब्लम शुरू हो जाए तो सारी पाचन क्रिया ही गड़बड़ा जाती है. डॉक्टरों का कहना है कि लिवर में यदि किसी तरह का डिस्टर्बेंस होता है तो वह सिग्नल देता है. भूख कम लगना, जी मिचलाना, उल्टी, आंखें पीली होना, यूरिन पीला आना जैसे लक्षण लिवर प्रॉब्लम के ऐसे ही लक्षण हैं. फैटी लिवर होना, यह लिवर की होने वाली गंभीर प्रॉब्लम है. अधिकांश लोगों में यह बीमारी देखने को मिलती है. लोग लिवर की खराबी में शराब को बड़ा कारण मानते हैं.
लिवर में फैट जमा होना फैटी लिवर कहलाता है. यह दो तरह का होता है. पहला नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर और दूसरा एल्कोहलिक फैटी लिवर होता है. लिवर पर अधिक चर्बी चढ़ने से यह समस्या आती है. पहले लिवर सही ढंग से खाना नहीं पचा पाता है. समस्या बढ़ती जाती है. यदि इसका इलाज न कराया जाए तो लिवर डैमेज भी हो सकता है.
लीवर की कोई भी समस्या सीधे तौर पर शराब से जुड़ी होती है. डॉक्टरोें का कहना है कि जो लोग शराब अधिक पीते हैं. उन्हें लिवर संबंधी बीमारी होने का अधिक खतरा रहता है. शुरुआत में लिवर शराब को डाइजेस्ट करने की कोशिश करता है. लेकिन अधिक शराब पीने से लिवर पर दबाव पड़ना शुरू हो जाता है.
मोटापा फैटी लिवर की स्थिति के लिए जिम्मेदार होता है. डॉक्टरों का कहना है कि जरूरी नहीं है कि शराब पीने वाला व्यक्ति ही मोटा हो. अन्य लोग भी मोटे हो सकते हैं. वहीं, पफैटी लिवर उन लोगों का भी हो सकता है. जो बहुत पतले होते हैं. यह मेटाबोलिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण होता है.
आजकल का यूथ जंक फूड खाना अधिक पसंद करता है. समोसे, पिज्जा, बर्गर, चाउमीन जैसी चीजें खाना अधिक पसंद करते हैं. डॉक्टर हितेश कौशिक ने बताया कि जंक फूड सीधे तौर पर लिवर व बॉडी के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे फैटी लिवर हो जाता है.
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