मसाले सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. घर पर खाना बने या फिर किसी पफंक्शन मं हलवाई काम करे. मसालों का प्रयोग सब्जी का स्वाद बढ़ाने में किया जाता है. सभी मसालों के अपने अपने गुण होते हैं. ऐसा ही एक मसाला होता है दालचीनी. यह मसाला कई गुणों की खान माना जाता है. हर घर में दालचीनी का प्रयोग स्वाद बढ़ाने में किया जाता है. कई लोग सब्जी में इसे डालने के लिए स्पेशली बाजार से खरीदकर लाते हैं.
दाल चीनी के दीवाने दुनिया के हर देश में है. छोटा हो या बड़ा, सभी दालचीनी का प्रयोग कर सकते हैं. लेकिन इसकी मात्रा सब्जी में स्वाद अनुसार ही डाली जाती है. आधा चम्मच या एक चम्मच दालचीनी का प्रयोग किया जाता है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर दिन अधिक मात्रा में दालचीनी लेने पर पेट, लिवर, किडनी संबंधी दिक्कत हो सकती हैं.
दालचीनी की खुशबू बेहद शानदार होती है. यह सब्जी के साथ कुछ केक्स बनाने में भी प्रयोग किया जाता है. दालचीनी का पेड़ होता है. पेड़ के तने की खाल निकालकर उसे सूखा दिया जाता है. इसे रोल कर एक स्टिक नुमा बना ली जाती है. काफी लोग पीसकर भी इसका प्रयोग करते हैं. अब इसके फायदे भी जानना जरूरी है.
मसालों में पॉलीफेनाल्स नामक प्लांट कंपाउंड पाया जाता है. यह एक एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है. दालचीनी में भी यह पाया जाता है. ये मसाला एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल होता है. इसका प्रयोग चाइनीज हर्बल दवाओं में किया जाता है. यह बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण से बचाने में काफी मदद करता है.
हर साल आप या आपके पड़ोस, परिवार में कोई न कोई सीजनली बुखार, खांसी, जुकाम की चपेट में आ जाता है. यह उन दिनों हवा में फैल रहे वायरस या बैक्टीरिया का असर होता है. दाल चीनी में ऐसे वायरस से निपटने का गुण होता है.. नियमित सीमित मात्रा में सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और ऐसे वायरस पास नहीं फटकते हैं.
रिसर्च में सामने आया है कि दालचीनी का असर कैंसर के विकसित होने पर भी देखा जाता है. यह मसाला कैंसर सेल्स की ग्रोथ होने से रोकता है. ब्लड वेसल्स में यदि कैंसर संबंधी तत्वों का निर्माण हो रहा है तो यह उसे खत्म करता है. इससे कैंसर होने का खतरा बेहद कम हो जाता है.
दालचीनी का सेवन टाइप टू डाइबिटीज के लिए फायदेमंद होना सामने आया है. यह ब्लड शुगर में इंसुलिन को नियंत्रित करने का काम करता है. इससे डाइबिटीज का खतरा कम हो जाता है. वहीं, दालचीनी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के काम आता है. कोलेस्ट्रॉल भी कम करता है. ब्लड प्रेशर मैनेज होने और कोलेस्ट्रॉल कम होने से हार्ट रोगों का खतरा कम रहता है.
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