आयुर्वेद में कई फलों को औषधी माना गया है. इन्हीं में से एक है जामुन. गर्मी के मौसम में आपको काले-काले जामुन बिकते हुए मिल जाएंगे. जामुन भले ही छोटा सा फल है, लेकिन इसके गुण बहुत ज्यादा हैं. जामुन को कई आयुर्वेदिक उपचार में इस्तेमाल किया जाता है. डायबिटीज के मरीज को जामुन खाने से बहुत लाभ मिलता है. जामुन डाइजेशन, दांतों, आंखों, पेट और किड़नी के लिए भी फायदेमंद है. जामुन में प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेड, आयरन, कैल्शियम जैसे तत्व होते हैं.
जामुन डायबिटीज में भी बहुत फायदेमंद होती है. शगुर के मरीजों को 100 ग्राम जामुन की जड़ को साफ करते उसमें 250 मिली पानी मिलाकर पीसना है. अब इसमें आप 20 ग्राम मिश्री डालकर सुबह-शाम खाने से पहले पिएं.
किडनी में स्टोन होने पर भी जामुन का इस्तेमाल कर सकते हैं. जामुन खाने से छोटे साइज की पथरी भी गल जाती है. इसके लिए आप 10 मिली जामुन के रस में 250 मिग्रा सेंधा नमक मिलाकर दिन में 2-3 बार रोज पीएं. इससे पेशाब के रास्ते पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है.
जामुन खाने और जामुन के पत्तों और छाल लगाने के त्वचा को कई तरह के फायदे मिलते हैं. जामुन की छाल खून को साफ कर त्वचा से जुड़े रोग दूर करती है. जामुन का रस त्वचा पर लगाने से पिम्पल्स नहीं होते हैं. इसके अलाव जामुन रस आंखों को भी कई तरह के विकार से बचाता है.
दांतों के लिए भी जामुन फायदेमंद होता है. जामुन के पत्तों की राख बनाकर दांत और मसूड़ों पर मलने से दांत और मसूड़े मजबूत होते हैं. जामुन के रस से कुल्ला करने पर पाइरिया भी ठीक हो जाता है.
पीलिया में भी जामुन बहुत फायदा करता है. जामुन के 10-15 मिली रस में 2 चम्मच शहद मिलाकर पीने से पीलिया का असर कम हो जाता है. इससे खून की कमी भी दूर होती है.
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