लोग कपूर का ज्यादातर इस्तेमाल पूजा-पाठ में करते हैं. कपूर से न केवल घर और वातावरण शुद्ध होता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी होता है. कपूर में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एनाल्जेसिक, एंटीसेप्टिक और एंटी-कंजंक्टिविले गुण होते हैं, जिससे इसका प्राकृतिक चिकित्सा में एक अहम स्थान है. कपूर एंटीऑक्सिडेंट का बेहतरीन स्रोत है, जो कई बीमारियों को ठीक करने में लाभकारी है.
सिरदर्द से बचने के लिए नींबू के रस में कपूर को मिलाकर सिर पर लगाएं.
सिरदर्द का दर्द काफी हद तक दूर हो जाता है.
सर्दी-जुकाम व फेफड़े संबंधी रोगों से परेशान हैं तो एक रूमाल में कपूर बांधकर सूंघे से फायदा होगा.अगर दांतों में दर्द है तो दर्द वाले स्थान पर कपूर दांतों से दबा लें.
इससे दांत के दर्द में आराम मिलेगा.
खांसी होने पर गर्म पानी में कपूर के तेल की कुछ बूंदें डालकर इसे भाप के तौर पर लेने से आराम मिलता है.
कपूर के तेल को हल्के हाथ से प्रभावित हिस्सों में लगाने से प्रेगनेंट महिलाओं को दर्द और ऐंठन से छुटकारा मिलता है.
अगर घर में बहुत मच्छर हो गये हैं कमरे में कपूर जलाएं. मच्छर गायब हो जाएंगे.
फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए टब में गर्म पानी लें और उसमें कपूर मिलाकर पैर डालकर 10-15 बैठें. ऐसा करने से एड़ियां ठीक होती हैं.
बालों में अगर रूसी है तो नारियल के तेल में कपूर डालें फिर इसे बालों में लगाकर मालिश करें. कुछ दिनों के अंदर रूसी गायब हो जाएगी.
बवासीर के दर्द से राहत पाने के लिए कपूर को नारियल के तेल में मिलाकर बवासीर वाली जगह पर लगाएं. ऐसे करने से सूजन में कमी आती है और जलन में भी आराम मिलता है.
नारियल के तेल में कपूर व गंधक का पाउडर मिलाकर दाद, खाज, खुजली वाले स्थान पर लगाने से फ़ायदा मिलता है.
आग से जलने या चोट के कारण त्वचा पर दाग़ पड़ने पर थोड़ा-सा कपूर पानी में मिलाकर प्रभावित स्थान पर नियमित रूप से कुछ दिनों तक लगाने से निशान मिट जाता है.
रात को सोते समय पैरों के तलवों पर देसी घी में कपूर मिलाकर मालिश करने से अच्छी नींद आती है.
मुंह में अगर छाले हैं तो मिश्री को बारीक पीसकर उसमें थोड़ा-सा कपूर पाउडर मिलाकर छालों पर लगाएं.
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