शिशु को 6 महीने के बाद हल्का ठोस आहार देना शुरू कर देना चाहिए. पीडियाट्रिशियन 6 महीने के बाद बच्चे को मां के दूध के अलावा दूसरे जरूरी पौष्टिक तत्व खिलाने की सलाह देते हैं. जिसमें घी भी शामिल है. घी की सही मात्रा बच्चे के शारीरिक विकास में मदद करती है. घी खिलाने से दिमाग तेज होता है. घी में सैचुरेटेड फैट होता है जो आसानी से पच जाता है.
बच्चा जब 6 महीने से ऊपर का हो जाए तो उसके काने में आप घी शामिल कर सकते हैं. दाल, खिचड़ी या चावल में थोड़ा घी डालकर दे सकते हैं. शुरुआत में घी की मात्रा कम ही रखें. धीरे-धीरे बच्चे के बढ़ने के साथ घी की मात्रा भी बढ़ा सकते हैं.
आपको 6 महीने के बच्चे को दिन में सिर्फ आधा चम्मच घी ही खिलाना चाहिए. जब बच्चा 8 महीने का हो जाए तो 2 बार में 1 चम्मच घी खिला सकते हैं. 10 महीने के बच्चे को आप दिन में 3 बार 1 चम्मच घी दे सकते हैं. 1 साल के बच्चे को दिन में 3 बार एक से डेढ़ चम्मच घी और 2 साल का बच्चा हो जाए तो उसे दिन में 3 बार कर के डेढ़ से दो चम्मच घी खिला सकते हैं.
शिशु को घी खिलाने से एनर्जी मिलती है. बच्चे की एनर्जी का घी अच्छा स्रोत है.
रोजाना सही मात्रा में घी खिलाने से बच्चे का वजन बढ़ता है. घी में कोंजुगेटिड लिनोलिक एसिड होता है, जिससे शरीर का सही विकास होता है.
घी में कैल्शियम पाया जाता है जो बच्चों की हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाने में मदद करता है.
घी में विटामिन ई, विटामिन ए, कई अन्य विटामिन और डीएचए पाया जाता है जो आंख, त्वचा और इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है.
बच्चों के पाचन को मजबूत बनाने में भी घी मदद करता है. इससे पेट की समस्या कम होती हैं.
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