खाना पकाने के लिए कई तरह के तेल का इस्तेमाल किया जाता है. ज्यादातर लोग सरसों का तेल, ऑलिव ऑयल, नारियल का तेल, कनोला ऑयल, एवेकाडो ऑयल, मूंगफली का तेल, अलसी का तेल, पामोलीन ऑयल जैसे तेल का इस्तेमाल करते हैं. तेल हमारे खाने का स्वाद बढ़ाता है और सेहत पर भी असर डालता है. ऐसे में ये जानना बहुत जरूरी है कि कौन का तेल सेहत के लिए सबसे अच्छा है? दरअसल तेल की क्वालिटी और गुण उसके फल, पौधे, बीज या नट से तय किए जाते हैं. इन्हें प्रॉसेस करके ही तेल निकाला जाता है.
कौन-से तेल में बना खाना होता है सेहतमंद?
तेल में फैट की मात्रा काफी होती है. जिसमें सैचुरेटेड फैट, मोनोसैचुरेटेड फैट और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है. कुछ साल पहले तक नारियल के तेल को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता था. सेहत को लेकर फिक्रमंद रहने वाले लोग इसी तेल का इस्तेमाल करते थे. लेकिन अब कई रिसर्च में सामने आया है कि नारियल का तेल खाने से शरीर में फैट जमा होता है, जो दिल की बीमारियों और ब्लड प्रेशर की समस्या पैदा करता है.
ज्यादा तेल क्यों करता है नुकसान
दरअसल तेल में जो फैट पाया जाता है, वो फैटी एसिड के कणों से मिलकर बनता है. ये फैटी एसिड जब सिंगल बॉन्ड से जुड़े होते हैं, तो ये सैचुरेटेड फैट कहलाता है. और अगर डबल बॉन्ड से जुड़े होते हैं, तो अनसैचुरेटेड फैट होता है. ये फैटी एसिड छोटी श्रृंखला में बंधे होते है और खून में घुल जाते हैं.
क्या कहती है रिसर्च
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के टीएच चैन स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ की एक रिसर्च में पाया गया है, कि नारियल के तेल से शरीर में लो डेन्सिटी लिपोप्रोटीन (LDL) की मात्रा बढ़ती है. जिसका हार्ट अटैक से सीधा संबंध है. हालांकि नारियल के तेल में हाई डेन्सिटी लिपोप्रोटीन (HDL) भी होता है, जो ब्लड से LDL को खींच लेता है.
कौन सा तेल है बेस्ट
कहा जाता है कि जिस तेल में पॉलीअनसैचुरेटेड फैट और ओमेगा-3,6 होता है वो खाना बनाने के लिए अच्छा होता है. इसके सेवन से ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है. इससे जरूरी फैटी एसिड और विटामिन मिलते हैं. जैतून के तेल में मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड होता है, जो आपको दिल की बीमारियों से बचाता है. ऑलिव आयल का इस्तेमाल करने से खाने नुक़सानदेह फैटी एसिड भी कम होता है.
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