शिलांग (एजेंसी/वार्ता): मेघालय की राजधानी शिलांग में क्रिसमस मनाने की तैयारियां जोरों-शोरों पर हैं और यहां चर्च और घर पहले से ही रोशनी से जगमगा रहे हैं। चर्चों में आज रात प्रार्थनाओं और घंटियों झंकार सुनाई देगी और साथ ही लोग चर्चों और सार्वजनिक स्थानों पर एकत्र होकर कैरल बजाते हुए “जॉय टू द वर्ल्ड, क्राइस्ट इज़ बॉर्न” गीत को गुनगुनाते हुए नजर आएंगे।
यहां के निवासी जोवी सुचियांग ने कहा कि सभी चर्चों में क्रिसमस ट्री रखे जाते हैं क्योंकि यह धार्मिक प्रतीक चिह्न है जो ईसाइय़ों के लिए महत्वपूर्ण है। यहां पहले से ही क्रिसमस मनाने और नए साल का स्वागत करने के लिए पूरी तैयारियां हो चुकी हैं।
एक अन्य नागरिक एनी लिंग्दोह ने कहा, “हमने विशेष रूप से खासी और जयंतिया पहाड़ियों में अभ्यास सत्र आयोजित किया है और क्रिसमस की खरीदारी के लिए ख्यांदई लाड (पुलिस बाजार) से इवदुह की ओर जा रहे हैं।” मेघालय पुलिस ने क्रिसमस और नए साल के मौके पर जाम जैसी समस्या से निपटने का सख्ती से प्रबंध किया है। उन्होंने यातायात कर्मियों को खिंदाई लाड में अनधिकृत क्षेत्रों में खड़े वाहनों को हटाने के सख्त आदेश जारी किए हैं।
राज्य में कपड़ों की दुकानों से लेकर केक की दुकानों और उपहार की दुकानों पर खरीददारी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी है। शिलॉन्ग की सबसे पुरानी गारमेंट शॉप, अंकल शॉप के मालिक नाना मोदरानी ने क्रिसमस के मौके पर खरीददारी के संबंध में कहा है,“यहां कई दिनों से लोग खरीदारी के लिए आ रहे हैं।
राज्य भर में दुकानें आधी रात तक खुली रहती हैं।
उन्होंने कहा कि मंहगाई ने लोगों के चेहरे पर मायूसी नहीं आने दी, क्योंकि यही मौका होता है जब लोग अपने परिवार और दोस्तों को विशेष उपहार देना चाहते हैं।”
इलियास खरकंग ने कहा, ” क्रिसमस डे दरअसल ईसा मसीह का दिन होता है, उन्होंने इस दिन जन्म लिया था और अनेक महान कार्य करते हुए, अपने प्राण की आहुति दे दी। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से क्रिसमस प्रियजनों के पुन: मिलन का अवसर है ताकि लोग अपनों के साथ खुशियां बांट सकें और आनंद से जीवन निर्वाह कर सकें।
उन्होंने कहा, “ईसा मसीह पूरी तरह से गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के साथ खड़े रहे और क्रिसमस के दिन उनकी इसी भावना को फिर से जीवित करना होता है।”
-एजेंसी/वार्ता
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