गुड़ और चीनी को लेकर अक्सर यह सवाल उठता रहता है कि क्या गुड़ चीनी से अधिक हेल्दी होता है, क्या शुगर के पेशेंट्स गुड़ का सेवन कर सकते हैं जबकि चीनी का नहीं कर सकते. क्या वाकई गुड़ खाने वाले लोगों को डायबिटीज की समस्या नहीं होती है? ऐसे कई सवाल अक्सर सामने आते रहते हैं.
जो लोग डायबिटीज के रोगी बनने की कगार पर हैं, यानी जिनका शुगर लेवल हाई रहता है और जिनकी हैरिडिटी में भी शुगर है. यानी जिनके घर में पैरेंट्स, दादी-दादा, नाना-नानी किसी को डायबिटीज की समस्या रही हो, ऐसे लोगों को डायबिटीज का पेशेंट्स बनने से बचने के लिए क्या करना चाहिए, यहां बताया गया है…
गुड़ और चीनी में क्या है अधिक फायदेमंद?
जब वेट कंट्रोल या शुगर लेवल डाउन करने की बात आती है तो गुड़ और चीनी दोनों ही एक जैसे होते हैं. इस मामले में किसी एक को बेहतर नहीं कहा जा सकता. क्योंकि गुड़ और चीनी दोनों में समान मात्रा में कैलोरी होती है.
लेकिन चीनी से जहां सिर्फ कैलोरी मिलती है और अन्य पोषक तत्वों का इसमें अभाव होता है, वहीं गुड़ से कैलोरी के अलावा विटामिन्स, मिनरल्स और आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व भी प्राप्त होते हैं. इसलिए चीनी की तुलना में गुड़ अधिक हेल्दी होता है.
गुड़ और चीनी कब खाने चाहिए?
मौसम के अनुसार बात करें तो गुड़ का सेवन सर्दियों में करना चाहिए और चीनी का सेवन गर्मियों में. लेकिन थोड़ी मात्रा में गुड़ का सेवन पूरे साल किया जा सकता है और इसी तरह चीनी का सेवन भी सीमित मात्रा में पूरे साल किया जा सकता है.
गुड़ तासीर में गर्म होता है. इसलिए सर्दियों में शरीर को गर्माहट देता है और ठंड के प्रकोप से बचाता है. तिल, चौलाई, मूंगफली, मुरमुरे इत्यादि के साथ सर्दियों में गुड़ का सेवन करना चाहिए.
सर्दियों में दूध के साथ भी गुड़ लें और चाय भी गुड़ की बनाकर पिएं. इससे टेस्ट भी चेंज होगा और गुड़ के फायदे भी मिलेंगे.
आपका शुगर लेवल हाई रहता है और आप डायबिटिक होने की कगार पर हैं या आपकी फैमिली हिस्ट्री में शुगर की समस्या है तो आपको गुड़ और चीनी खाना बंद करने की जरूरत नहीं है. बल्कि इनका सेवन सीमित कर दें और लाइफस्टाइल को हेल्दी रखें.
यह भी पढे –
शरीर के लिए बेहद जरूरी है नमक, कम हो जाने पर हो सकती है गंभीर बीमारियां
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News