नयी दिल्ली (एजेंसी/वार्ता): राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने शुक्रवार को बिहार सरकार को जहरीली शराब त्रासदी के कारण राज्य में हुई कई मौतों को लेकर नोटिस जारी किया। बिहार के सारण जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब के सेवन से कई लोगों की मौत होने की मीडिया में आई खबरों का स्वत: संज्ञान लेते हुए एनएचआरसी ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर मामले की स्थिति सहित विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी, अस्पताल में भर्ती पीड़ितों का चिकित्सा उपचार, और पीड़ित परिवारों को मुआवजा, यदि दिया गया हो, आदि का भी विवरण मांगा है। आयोग ने कहा कि उसने इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में भी पूछा है। एनएचआरसी ने कहा है कि राज्य के अधिकारियों से जल्द से जल्द प्रतिक्रिया की उम्मीद है, लेकिन इन आदेशों के जारी होने के चार सप्ताह के भीतर होना चाहिए।
एनएचआरसी ने कहा,“मीडिया रिपोर्टों की सामग्री, अगर सच है, तो मानवाधिकारों के लिए चिंता पैदा करती है। यह घटना राज्य सरकार की अवैध/नकली शराब की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध लगाने की अपनी नीति को लागू करने में विफलता का संकेत देती है।”
गौरतलब है कि 15 दिसंबर की मीडिया रिपोर्टाें के मुताबिक बिहार के सारण जिले के महरौरा अनुमंडल के मशरख, ईशुआपुर और अमनौर थाना क्षेत्र के तीन गांवों में जहरीली शराब पीने के कारण कई मौतों की सूचना मिली है। पुलिस को शक है कि ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में एक आम दुकान से शराब खरीदी होगी। मृतक के परिजनों ने कथित तौर पर बताया है कि 50 से अधिक लोगों ने देशी शराब का सेवन किया था।
इसबीच उच्चतम न्यायालय में एक गैर सरकारी संगठन की ओर से आज दायर याचिका में कहा गया है कि गत 14 दिसंबर को बिहार के सारण जिले में हाल ही में हुई जहरीली शराब त्रासदी से देश में कोहराम मचा है। जहरीली शराब के सेवन से अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है , जबकि अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और इस घटना की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है।
-एजेंसी/वार्ता
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