भोपाल (एजेंसी/वार्ता): मध्यप्रदेश में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के अंतर्गत धार्मिक स्वतंत्रता नियम 2022 अधिसूचित किए गए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार भय, प्रलोभन, धोखे, कपट आदि से किए गए या कराए जा रहे धर्मान्तरण को धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 द्वारा प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे कृत्य करने वाले तथा उक्त कृत्य में सहयोगियों और सहभागियों को 10 वर्ष तक की जेल और एक लाख रूपए तक के जुर्माने की सजा दिए जाने के प्रावधान हैं।
इस अधिनियम की धारा 10 में पूर्ण स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के लिए आवेदन किए जाने के प्रावधान हैं, जिसके लिए नियम अधिसूचित किए गए हैं। अधिसूचित नियम में स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को और धर्म परिवर्तन कराने वाले धर्माचार्य/व्यक्ति को ज़िला मजिस्ट्रेट को कम से कम 60 दिन पहले आवेदन देना बंधनकारी होगा। नियमों की अधिसूचना मप्र राजपत्र में कल गुरूवार को प्रकाशित हुई है।
-एजेंसी/वार्ता
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