कोलंबो (एजेंसी/वार्ता): श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने मंगलवार को कहा कि एक नयी अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है और सुधारों का कोई सवाल ही नहीं है क्योंकि अर्थव्यवस्था का कोई अस्तित्व ही नहीं है।
डेली मिरर ने कहा कि श्री विक्रमसिंघे ने सोमवार को देश के शीर्ष निजी क्षेत्र के बिजनेस लीडर्स से यह बात कही। उन्होंने कहा कि श्रीलंका की अर्थव्यवस्था के पतन के बाद से तत्काल सुधारों की आवश्यकता रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे कुछ नहीं होगा। श्रीलंका आर्थिक शिखर सम्मेलन 2022 के उद्घाटन सत्र में श्री विक्रमसिंघे ने कहा,“ सुधार की क्या योजना है? सच कहूं तो मेरे पास इसके लिए कोई योजना नहीं है। जब हमारी अर्थव्यवस्था डांवाडोल है, तो क्या सुधार किया जा सकता है।” आर्थिक शिखर सम्मेलन के वार्षिक कार्यक्रम सीलोन चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से आयोजित किया गया था।
विक्रमसिंघे ने कहा,“ सरकार के पास सुधार की कोई योजना नहीं है। हम जो करना चाहते हैं, वह एक नयी अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। लेकिन क्या निजी क्षेत्र इसके लिए तैयार है? क्या आप दर्द को संभाल सकते हैं?” विक्रमसिंघे ने कहा कि चूंकि वर्तमान परिस्थितियां स्थानीय अर्थव्यवस्था के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में उसी ढांचे के पुनर्निर्माण से केवल पतन होगा, संभवतः तेज चरण में भी। केवल प्रतिस्पर्धी होने से संकटग्रस्त राष्ट्र को आगे बढ़ने में मदद नहीं मिलेगी।”
उन्होंने कहा, “श्रीलंका को ‘अत्यधिक प्रतिस्पर्धी’ होने की आवश्यकता है और तभी देश चीन, जापान, कोरिया तथा भारत जैसे क्षेत्रीय साथियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के बारे में सोच भी सकता है।” विक्रमसिंघे ने कहा, “ एक-दूसरे पर उंगली उठाना बंद होना चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम आगे बढ़ें। इसलिए भविष्य के लिए हमारे कार्यक्रम को ‘अगले 25 साल’ कहा जाएगा।”
-एजेंसी/वार्ता
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