मॉस्को (एजेंसी/वार्ता/स्पूतनिक): रूस ने उम्मीद जतायी है कि अमेरिका संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) को पुनर्जीवित करने और पिछली त्रुटियों को ठीक करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक प्रदर्शित कर सकता है। रूस राजनयिक स्रोत के एक उच्च अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
सप्ताह की शुरुआत में ईरान के लिए अमेरिका के विशेष दूत रॉबर्ट मैले ने कहा कि परमाणु वार्ता के बजाय अमेरिका ईरान के हथियारों के निर्यात और बड़े पैमाने पर विरोध पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा।
सूत्रों ने कहा कि विदेशों में समय-समय पर ऐसे बयान दिए जा रहे हैं जो अमेरिका को जेसीपीओए में वापस लाने के अपने वादों के प्रति वर्तमान अमेरिकी प्रशासन की प्रतिबद्धता पर संदेह पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 का पालन और जेसीपीओए का समर्थन करना चाहिए और संकल्प के अपने स्वयं के उल्लंघन को ठीक करना चाहिए।
सूत्रों ने कहा , “इसके लिए हमारे अमेरिकी सहयोगियों में इस मामले पर एक समझौते पर पहुंचने के लिए अंतिम कदम उठाने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है। हमें उम्मीद है कि वे परमाणु समझौते के पुनरुद्धार का पालन करेंगे।”
परमाणु समझौते को 2015 में चीन, फ्रांस, जर्मनी, ईरान, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका के साथ-साथ यूरोपीय संघ द्वारा सील कर दिया गया था। अमेरिका ने 2018 में एकतरफा रूप से वापस ले लिया और ईरान पर प्रतिबंधों को फिर से लागू कर दिया। वियना ने अप्रैल 2021 से कई दौर की वार्ता की मेजबानी की।
-एजेंसी/वार्ता/स्पूतनिक
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