देवरिया (एजेंसी/वार्ता) उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में शासन द्वारा गढ्ढा मुक्ति अभियान की डेडलाइन समाप्त होने के बाद भी अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त और गड्ढा युक्त बनी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार देवरिया जिले की अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त और गढ्ढा युक्त बनी हुई हैं। देवरिया से बरांव जाने वाली करीब बीस किलोमीटर की सड़क जर्जर तथा गढ्ढा युक्त बनी हुई है।
इसी तरह देवरिया से बेलडार करीब बीस किलोमीटर सड़क गड्ढा युक्त बनी हुई है। इसी तरह जिले में करूअना-मगहरा सड़क भी खस्ता हाल में है। इस सड़क पर गिट्टियां इधर-उधर बिखरी दिखाई पड़ रही है। जिससे इस क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। देवरिया शहर में भी नगर पालिका परिषद और लोकनिर्माण खंड के तहत आने वाली सड़कें कई जगहों पर खस्ताहाल में हैं।
शहर में सीसी रोड की सड़क गढ्ढों में तब्दील हो चुकी है। इसी तरह मेडिकल कालेज के पास मारवाड़ी स्कूल के सामने की सड़क गड्ढों के बीच चल रही है। शहर के भटवलिया चौराहे के पास लोकनिर्माण द्वारा बनवाई गई सड़क पर गढ्ढे दिखाई पड़ रहे और इसी रोड से तमाम अधिकारी और जनप्रतिनिधि गुजरते हैं।
गौरतलब हो कि देवरिया देवरिया जिले के सातों विधानसभाओं से भाजपा ने विजय प्राप्त की है और यहां से भाजपा के सात विधायकों में दो विधायक प्रदेश सरकार में मंत्री भी हैं। इसी तरह से देवरिया जिले के दो संसदीय क्षेत्रों देवरिया सदर और सलेमपुर से भाजपा के सांसद हैं।
इसी तरह देवरिया नगर पालिका परिषद से भाजपा की अलका सिंह चेयरमैन हैं।लेकिन इसके बाद भी गढ्ढा मुक्त करने की शासन द्वारा डेडलाइन समाप्त होने के बाद भी जिले में सड़कों की हालत सन्तोषजनक दिखाई नहीं पड़ रही है और यहां की अधिकांश सड़के खस्ताहाल में दिख रही हैं। उधर लोकनिर्माण खंड के अधीक्षण अभियंता जीएस वर्मा का दावा है कि अभियान के तहत चिन्हित प्रमुख मार्गों का पैचिंग का कार्य करीब 95 प्रतिशत तक पूर्ण कर लिया गया है। जबकि वास्तविकता इससे इतर है।
एजेंसी/वार्ता
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