पटना (एजेंसी/वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि केंद्र सरकार पूरी उदारता से और बिना किसी भेदभाव के बिहार के ढांचागत विकास के लिए लाखों करोड़ रुपये की योजनाएं लागू कर रही है लेकिन राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल है।
बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री श्री मोदी ने रविवार को जारी बयान में कहा कि वित्त मंत्रियों की बैठक में बिहार सरकार ने केंद्र से 20 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की जबकि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य को डेढ़ लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर चुके हैं। इसमें 55 हजार करोड़ रुपये केवल सड़क परियोजनाओं के लिए हैं। राज्य सरकार अधिकतर परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करा पायी।
भाजपा सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और विक्रमशिला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण का निर्णय लिया लेकिन नीतीश सरकार इसके लिए भी जमीन नहीं उपलब्ध करा पायी। उन्होंने कहा कि बिहटा, दरभंगा और पूर्णिया हवाईअड्डों का विस्तारीकरण भी जमीन नहीं मिल पाने के कारण रुका है।
श्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2024 तक बिहार में तीन लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं लागू होनी हैं, जिसमें 13 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे और इकोनॉमिक कॉरीडोर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार सिर्फ मांग करती हैं लेकिन परफार्म नहीं करती। योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और समय पर उपयोगिता प्रमाण देने में विफल रहना विकास में बड़ी बाधा है।
एजेंसी/वार्ता
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