आजकल गलत खानपान और लाइफस्टाइल की वजह से हाई यूरिक एसिड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शरीर में जब Purine ज्यादा मात्रा में जमा हो जाता है, तो यह यूरिक एसिड में बदलकर जोड़ों में दर्द, सूजन और गाउट जैसी दिक्कतें पैदा कर सकता है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक जड़ी-बूटियां इस समस्या को कंट्रोल करने में मददगार साबित हो सकती हैं।
आइए जानते हैं एक ऐसी ही असरदार जड़ी-बूटी के बारे में—
गिलोय: नैचुरल डिटॉक्स का पावरहाउस
गिलोय (Guduchi) को आयुर्वेद में बेहद फायदेमंद माना गया है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
👉 कैसे करती है काम?
- गिलोय शरीर में जमा अतिरिक्त यूरिक एसिड को कम करने में मदद करती है
- किडनी के फंक्शन को सपोर्ट करती है, जिससे टॉक्सिन्स पेशाब के जरिए बाहर निकलते हैं
- जोड़ों की सूजन और दर्द में राहत देती है
🥤 कैसे करें सेवन?
- गिलोय का जूस: सुबह खाली पेट 10–20 ml
- गिलोय का काढ़ा: पानी में उबालकर दिन में 1 बार
- गिलोय टैबलेट: डॉक्टर की सलाह से
⚠️ किन बातों का रखें ध्यान?
- जरूरत से ज्यादा सेवन न करें
- प्रेग्नेंट महिलाएं या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग डॉक्टर से सलाह लें
- इसे दवा का विकल्प नहीं, बल्कि सपोर्ट के रूप में लें
🥗 साथ में अपनाएं ये आदतें
- ज्यादा पानी पिएं (दिन में 8–10 गिलास)
- रेड मीट, शराब और हाई-प्रोटीन डाइट कम करें
- हरी सब्जियां और फल ज्यादा खाएं
- रोजाना हल्की एक्सरसाइज करें
हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है।
गिलोय जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी और सही लाइफस्टाइल अपनाकर आप इस समस्या को काफी हद तक मैनेज कर सकते हैं।
हालांकि, अगर यूरिक एसिड का स्तर बहुत ज्यादा है या लगातार दर्द बना रहता है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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