आज के समय में बढ़ता ब्लड शुगर और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। दवाइयों के साथ-साथ अगर आप अपनी रोज़ की डाइट में थोड़ा बदलाव कर लें, तो ये समस्या काफी हद तक कंट्रोल हो सकती है। खासतौर पर, अगर आप अपने आटे का चुनाव समझदारी से करें, तो आपकी रोज़ की रोटी ही दवा का काम कर सकती है।
क्यों जरूरी है आटे में बदलाव?
सफेद आटा (मैदा) और ज्यादा प्रोसेस्ड आटा शरीर में तेजी से शुगर बढ़ाता है और कोलेस्ट्रॉल को भी बिगाड़ सकता है। वहीं, फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर आटा धीरे-धीरे पचता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है और दिल की सेहत भी बेहतर होती है।
इन आटे की रोटियां बनाएं अपनी डाइट का हिस्सा
1. जौ (Barley) का आटा
जौ में घुलनशील फाइबर (बीटा-ग्लूकन) भरपूर होता है, जो ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने देता है और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
2. बाजरा (Millet) का आटा
बाजरा मैग्नीशियम और फाइबर से भरपूर होता है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने में मदद करता है और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है।
3. रागी (Finger Millet) का आटा
रागी में कैल्शियम और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो शुगर कंट्रोल के साथ-साथ वजन घटाने में भी मदद करता है।
4. ओट्स (Oats) का आटा
ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में बेहद प्रभावी माना जाता है। इसे गेहूं के आटे में मिलाकर रोटियां बनाई जा सकती हैं।
5. चने (Besan) का आटा
चना आटा लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता और पेट भी लंबे समय तक भरा रहता है।
कैसे करें इस्तेमाल?
- गेहूं के आटे में 20-30% तक इन आटों को मिलाकर रोटियां बनाएं
- हफ्ते में 2-3 बार मल्टीग्रेन रोटियां जरूर खाएं
- ज्यादा तेल या घी का इस्तेमाल न करें
अतिरिक्त टिप्स
- रोटी के साथ हरी सब्जियां और सलाद जरूर लें
- चीनी और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं
- नियमित एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करें
अगर आप सच में शुगर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो शुरुआत अपनी प्लेट से करें। सही आटे की रोटियां न सिर्फ आपके टेस्ट को बरकरार रखेंगी, बल्कि धीरे-धीरे आपके शरीर को अंदर से स्वस्थ भी बनाएंगी।
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News