अगर आपके पैरों पर बिना वजह रैशेज निकल आते हैं और ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आने लगता है, तो इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज न करें। ये दोनों लक्षण शरीर में विटामिन C की कमी (Vitamin C Deficiency) की ओर इशारा कर सकते हैं। विटामिन C न सिर्फ इम्युनिटी के लिए जरूरी है, बल्कि स्किन, मसूड़े और ब्लड वेसल्स को मजबूत रखने में भी अहम भूमिका निभाता है।
विटामिन C की कमी से ये लक्षण क्यों दिखते हैं?
विटामिन C कोलेजन बनाने में मदद करता है, जो:
- त्वचा को मजबूत बनाता है
- मसूड़ों को हेल्दी रखता है
- ब्लड वेसल्स को टूटने से बचाता है
जब शरीर में इसकी कमी हो जाती है:
- स्किन कमजोर हो जाती है और रैशेज या छोटे-छोटे लाल धब्बे दिखने लगते हैं
- मसूड़े नाजुक हो जाते हैं और खून आने लगता है
- घाव देर से भरते हैं
विटामिन C की कमी के अन्य लक्षण
अगर कमी ज्यादा हो जाए, तो इसके साथ ये समस्याएं भी दिख सकती हैं:
- बार-बार थकान
- जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
- बार-बार सर्दी-जुकाम होना
- स्किन रूखी और बेजान होना
- बाल कमजोर होकर टूटना
- मुंह में छाले होना
किन लोगों में यह कमी ज्यादा पाई जाती है?
- जो फल और सब्जियां कम खाते हैं
- जो बहुत ज्यादा जंक फूड खाते हैं
- स्मोकिंग करने वाले लोग
- बुजुर्ग
- लंबे समय से बीमार रहने वाले लोग
इन लोगों में विटामिन C की कमी का खतरा ज्यादा होता है।
विटामिन C की कमी कैसे पूरी करें?
डाइट में शामिल करें ये चीजें:
- आंवला
- नींबू, संतरा
- अमरूद
- पपीता
- कीवी
- टमाटर
- शिमला मिर्च
- हरी पत्तेदार सब्जियां
रोज इन फलों और सब्जियों को खाने से शरीर में विटामिन C की कमी धीरे-धीरे पूरी हो सकती है।
कितना लेना जरूरी है?
एक वयस्क व्यक्ति को रोज करीब 65–90 mg विटामिन C की जरूरत होती है।
बहुत ज्यादा सप्लीमेंट लेने से पेट दर्द या दस्त की समस्या हो सकती है, इसलिए बेहतर है कि इसे प्राकृतिक स्रोतों से लिया जाए।
कब डॉक्टर को दिखाएं?
अगर:
- मसूड़ों से खून रोज आने लगे
- पैरों के रैशेज ठीक न हों
- बार-बार कमजोरी महसूस हो
- घाव भरने में बहुत समय लगे
तो ब्लड टेस्ट कराकर विटामिन C का स्तर चेक कराना जरूरी है और डॉक्टर की सलाह से इलाज शुरू करना चाहिए।
पैरों में रैशेज और मसूड़ों से खून आना शरीर का एक वार्निंग सिग्नल हो सकता है कि उसमें विटामिन C की कमी है। समय रहते सही खानपान और जरूरी जांच से इस कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है। लापरवाही करने पर यह समस्या आगे चलकर गंभीर रूप भी ले सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह का सप्लीमेंट या इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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