मिर्गी के दौरे क्यों पड़ते हैं? जानें इसके लक्षण और बचाव के आसान तरीके

मिर्गी (Epilepsy) एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें व्यक्ति को अचानक झटके आने लगते हैं या वह कुछ समय के लिए बेहोश हो जाता है। यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है और समय पर इलाज न मिलने पर यह रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है।

अक्सर लोग मिर्गी को लेकर डर जाते हैं, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इसके दौरे को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।


मिर्गी के दौरे क्यों पड़ते हैं?

मिर्गी के दौरे तब पड़ते हैं जब दिमाग की नसों (न्यूरॉन्स) में अचानक असामान्य इलेक्ट्रिकल गतिविधि शुरू हो जाती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • दिमाग में चोट लगना
  • जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी
  • तेज बुखार या इंफेक्शन
  • ब्रेन ट्यूमर या स्ट्रोक
  • जेनेटिक कारण
  • नींद पूरी न होना
  • ज्यादा शराब या नशीले पदार्थों का सेवन
  • तेज रोशनी या स्ट्रेस

मिर्गी के प्रमुख लक्षण

मिर्गी के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर ये संकेत दिखते हैं:

1. अचानक झटके आना
हाथ-पैरों में तेज झटके लगना और शरीर अकड़ जाना।

2. कुछ देर के लिए बेहोशी
दौरे के समय व्यक्ति गिर सकता है और होश खो बैठता है।

3. मुंह से झाग निकलना
दौरे के दौरान लार अधिक बनने लगती है।

4. आंखों का उलट जाना
आंखें ऊपर की ओर घूम जाना भी एक लक्षण है।

5. कुछ समय तक भ्रम की स्थिति
दौरे के बाद व्यक्ति को समझ नहीं आता कि उसके साथ क्या हुआ।

6. याददाश्त पर असर
बार-बार दौरे आने से याददाश्त कमजोर हो सकती है।


मिर्गी के दौरे से बचाव के आसान तरीके

1. दवाइयों का नियमित सेवन करें
डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लें। दवा अचानक बंद न करें।

2. नींद पूरी लें
नींद की कमी से दौरे पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।

3. तनाव से बचें
ज्यादा स्ट्रेस और चिंता दौरे को ट्रिगर कर सकती है।

4. शराब और नशे से दूरी बनाएं
ये दिमाग पर सीधा असर डालते हैं और दौरे का खतरा बढ़ाते हैं।

5. तेज रोशनी और स्क्रीन से बचें
कुछ लोगों को तेज फ्लैश लाइट या मोबाइल स्क्रीन से दौरा पड़ सकता है।

6. हेल्दी डाइट लें
पौष्टिक भोजन दिमाग को मजबूत बनाता है।

7. नियमित जांच कराएं
EEG और अन्य टेस्ट से बीमारी पर नजर रखना जरूरी है।


मिर्गी का दौरा पड़े तो क्या करें?

  • मरीज को जमीन पर लिटा दें
  • आसपास की नुकीली चीजें हटा दें
  • सिर के नीचे कुछ नरम रखें
  • मुंह में कुछ न डालें
  • दौरा खत्म होने तक मरीज के पास रहें
  • दौरा 5 मिनट से ज्यादा चले तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?

  • जिन्हें पहले सिर में गंभीर चोट लगी हो
  • जिनके परिवार में मिर्गी का इतिहास हो
  • ब्रेन इंफेक्शन से पीड़ित लोग
  • ज्यादा तनाव में रहने वाले लोग

मिर्गी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। सही इलाज, समय पर दवा और लाइफस्टाइल में बदलाव से इसके दौरे को कंट्रोल किया जा सकता है। अगर किसी को बार-बार झटके, बेहोशी या भ्रम की समस्या हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।