दालचीनी सिर्फ मसाले के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और पाचन के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। लेकिन बाजार में अक्सर अमरूद की छाल को दालचीनी के रूप में बेचा जाता है, जो न सिर्फ स्वाद में फर्क डालती है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदेह हो सकती है। इसलिए जानना जरूरी है कि असली दालचीनी और नकली अमरूद की छाल में क्या अंतर है।
असली और नकली दालचीनी पहचानने के तरीके
1. रंग और बनावट
- असली दालचीनी: हल्का भूरा और पतला, अंदर से रेशेदार।
- अमरूद की छाल: गहरा भूरा या काला, मोटी और कठोर।
2. गंध
- असली दालचीनी: तेज और मीठी खुशबू देती है।
- अमरूद की छाल: सुगंध कम या बिल्कुल हल्की होती है।
3. आकार और लचीला पन
- असली दालचीनी: रोल या सर्पिल आकार में और थोड़ी लचीली होती है।
- अमरूद की छाल: सीधे या अनियमित टुकड़े, कठोर और आसानी से टूट जाती है।
4. टेस्ट
- पानी में डालें: असली दालचीनी धीरे-धीरे फ्लोट करती है और खुशबू छोड़ती है।
- नकली छाल जल्दी डूब जाती है और स्वाद में ताजगी नहीं होती।
सावधानियां
- हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही दालचीनी खरीदें।
- पैकेजिंग पर सर्टिफिकेशन और मैन्युफैक्चरिंग डेट जरूर देखें।
- बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से पहले छोटे मात्रा में टेस्ट करें।
दालचीनी और अमरूद की छाल में अंतर पहचानना बहुत जरूरी है, क्योंकि स्वास्थ्य और स्वाद दोनों इसी पर निर्भर हैं। असली दालचीनी न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि ब्लड शुगर, पाचन और दिल के लिए भी फायदेमंद है।
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