आज के समय में थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। वजन बढ़ना या घटना, थकान, बाल झड़ना, दिल की धड़कन तेज होना और मूड स्विंग जैसे लक्षण थायराइड असंतुलन की पहचान हो सकते हैं। दवाओं के साथ-साथ कई लोग अब प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसी ही एक जड़ी-बूटी है जिसे थायराइड के लक्षणों को कंट्रोल करने में मददगार माना जाता है — अश्वगंधा।
कैसे मदद करती है यह जड़ी-बूटी?
अश्वगंधा एक एडैप्टोजेनिक जड़ी-बूटी है, जो शरीर में हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। रिसर्च के अनुसार, यह थायरॉयड हार्मोन (T3 और T4) के स्तर को संतुलित करने में सहायक हो सकती है। साथ ही यह तनाव कम करने में भी मदद करती है, जो थायराइड बिगड़ने का एक बड़ा कारण माना जाता है।
थायराइड के किन लक्षणों में हो सकती है मदद?
- अत्यधिक थकान और कमजोरी
- वजन बढ़ना या घटाना
- बाल झड़ना
- अनिद्रा और बेचैनी
- मूड स्विंग और चिड़चिड़ापन
सेवन का सही तरीका
- रोजाना 1/2 चम्मच अश्वगंधा पाउडर गुनगुने दूध या पानी के साथ लिया जा सकता है।
- चाहें तो इसे कैप्सूल या चूर्ण के रूप में भी लिया जा सकता है।
- बेहतर असर के लिए इसे रात में सोने से पहले लेना फायदेमंद माना जाता है।
किन बातों का रखें ध्यान?
- गर्भवती महिलाएं और गंभीर थायराइड रोगी बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन न करें।
- अगर आप पहले से थायराइड की दवा ले रहे हैं, तो इस जड़ी-बूटी को लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूरी है।
- अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
लाइफस्टाइल भी है जरूरी
थायराइड कंट्रोल करने के लिए सिर्फ जड़ी-बूटी ही नहीं, बल्कि संतुलित आहार, योग, प्राणायाम और पर्याप्त नींद भी जरूरी है। ज्यादा जंक फूड, स्ट्रेस और अनियमित दिनचर्या से थायराइड बिगड़ सकता है।
अश्वगंधा जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी थायराइड के लक्षणों को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है। हालांकि, यह इलाज का विकल्प नहीं बल्कि सहायक उपाय है। सही खानपान और डॉक्टर की सलाह के साथ इसका उपयोग करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
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