आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खानपान की वजह से बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) तेजी से बढ़ रहा है। यही बैड कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे धमनियों में जमकर ब्लॉकेज पैदा करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर कोई प्राकृतिक फल इस समस्या से बचा सके तो वह किसी अमृत से कम नहीं। ऐसा ही एक अमृतफल है अनार।
अनार को आयुर्वेद में भी दिल के लिए बेहद लाभकारी माना गया है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर और पोटैशियम दिल की सेहत को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
1. बैड कोलेस्ट्रॉल को करता है कम
अनार में मौजूद पॉलीफेनॉल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में जमा बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। यह धमनियों की अंदरूनी दीवारों पर जमी चर्बी को धीरे-धीरे साफ करने का काम करता है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है।
2. धमनियों को रखता है साफ और लचीला
अनार का नियमित सेवन धमनियों में सूजन को कम करता है और उन्हें लचीला बनाए रखता है। इससे ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है और हार्ट को पंप करने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। साफ धमनियां हार्ट अटैक के खतरे को भी कम करती हैं।
3. दिल को देता है प्राकृतिक सुरक्षा
अनार में मौजूद पोटैशियम और विटामिन C दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं। इसके साथ ही यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है, जो हार्ट डिजीज की बड़ी वजह मानी जाती है। यही कारण है कि अनार को दिल के लिए “प्राकृतिक कवच” कहा जाता है।
कैसे करें सेवन?
- रोजाना एक कटोरी ताजे अनार के दाने खाएं।
- चाहें तो सुबह खाली पेट अनार का जूस भी ले सकते हैं।
- सलाद या दही में मिलाकर भी इसका सेवन किया जा सकता है।
जरूरी सावधानी
डायबिटीज मरीज अनार का सेवन सीमित मात्रा में करें क्योंकि इसमें प्राकृतिक शुगर होती है। अगर आप कोलेस्ट्रॉल या हार्ट की दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
अगर आप दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं और बैड कोलेस्ट्रॉल को प्राकृतिक तरीके से कंट्रोल करना चाहते हैं, तो अनार को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। यह अमृतफल न सिर्फ धमनियों को साफ करता है बल्कि दिल को मजबूत बनाकर हार्ट अटैक के खतरे को भी कम करता है।
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