शरीर में अचानक कोई नरम और दर्दरहित गांठ महसूस हो, तो लोग अक्सर घबरा जाते हैं। हालांकि हर गांठ कैंसर नहीं होती। कई मामलों में यह लाइपोमा (Lipoma) हो सकता है। लाइपोमा एक आम और आमतौर पर हानिरहित बीमारी है, लेकिन सही समय पर इसकी पहचान और जानकारी जरूरी है। आइए जानते हैं लाइपोमा क्या होता है, इसके लक्षण, कारण और इलाज के विकल्प।
लाइपोमा क्या होता है?
लाइपोमा शरीर में फैट टिश्यू से बनने वाली नॉन-कैंसरस (Benign) गांठ होती है। यह त्वचा के ठीक नीचे विकसित होती है और धीरे-धीरे बढ़ती है। ज्यादातर मामलों में यह खतरनाक नहीं होती और लंबे समय तक बिना परेशानी के बनी रह सकती है।
लाइपोमा कैसे पहचानें?
लाइपोमा की कुछ खास पहचान होती हैं:
- त्वचा के नीचे नरम और चिकनी गांठ
- उंगली से दबाने पर आसानी से हिलने वाली
- आमतौर पर दर्दरहित
- आकार में धीरे-धीरे बढ़ने वाली
लाइपोमा अक्सर गर्दन, कंधे, पीठ, बाजू और जांघों पर दिखाई देता है।
लाइपोमा होने के संभावित कारण
लाइपोमा बनने के पीछे कुछ कारण माने जाते हैं:
- आनुवंशिक कारण (फैमिली हिस्ट्री)
- उम्र बढ़ना (30–60 साल के बीच ज्यादा)
- शरीर में फैट मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी
- किसी जगह चोट लगने के बाद
हालांकि सटीक कारण हमेशा स्पष्ट नहीं होता।
कब हो सकती है चिंता की बात?
अगर गांठ:
- तेजी से बढ़ने लगे
- दर्द करने लगे
- कठोर हो जाए
- रंग में बदलाव दिखे
- दबाने पर न हिले
तो यह लाइपोमा के अलावा कोई दूसरी समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
लाइपोमा का इलाज क्या है?
ज्यादातर लाइपोमा में इलाज की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर यह:
- दर्द दे रहा हो
- आकार में बड़ा हो रहा हो
- दिखने में परेशानी दे रहा हो
तो इलाज के विकल्प अपनाए जा सकते हैं:
- सर्जरी: गांठ को पूरी तरह निकाल दिया जाता है
- लिपोसक्शन: कुछ मामलों में फैट निकालने की प्रक्रिया
- मेडिकल जांच: अल्ट्रासाउंड या बायोप्सी से पुष्टि
क्या लाइपोमा दोबारा हो सकता है?
आमतौर पर सर्जरी के बाद लाइपोमा वापस नहीं आता, लेकिन कुछ लोगों में नई जगह पर दोबारा बनने की संभावना रहती है।
लाइपोमा एक आम, धीरे बढ़ने वाली और अधिकतर मामलों में हानिरहित गांठ होती है। सही पहचान और समय पर डॉक्टर से सलाह लेकर इसे लेकर चिंता से बचा जा सकता है। अगर शरीर में कोई भी गांठ लंबे समय तक बनी रहे या उसमें बदलाव दिखे, तो जांच कराना हमेशा बेहतर होता है।
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