साल के आख़िर में सुस्त बाजार: कम ट्रेडिंग में सेंसेक्स-निफ्टी हल्की गिरावट पर बंद

कम वॉल्यूम और साल के आखिर की सावधानी के बीच भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स **30 दिसंबर, 2025** को मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंकों, मेटल और ऑटो सेक्टर में बढ़त ने IT, FMCG, रियल्टी और फार्मा सेक्टर के दबाव को कम किया।

**BSE सेंसेक्स** **84,675.08** पर बंद हुआ, जो **20.46 अंक** (0.02%) नीचे था, जबकि **NSE निफ्टी 50** **25,938.85** पर सेटल हुआ, जो **3.25 अंक** (0.01%) नीचे था।

एनालिस्टों ने बताया कि निफ्टी 21-दिन के EMA से नीचे फिसल गया है, जो शॉर्ट-टर्म कमजोरी का संकेत है। सपोर्ट **25,850–25,870** पर है, इसके टूटने पर और गिरावट का खतरा है; रेजिस्टेंस **26,000** पर है।

सेंसेक्स में टॉप लूजर्स में Eternal, Infosys, Asian Paints, UltraTech Cement और Bajaj Finance शामिल थे। गेनर्स में M&M, Tata Steel, Bajaj Finserv और Axis Bank शामिल थे।

ब्रॉडर मार्केट में हल्की कमजोरी दिखी: निफ्टी मिडकैप 100 0.15% नीचे, स्मॉलकैप 100 0.28% नीचे।

सेक्टर के हिसाब से, निफ्टी रियल्टी 0.84%, IT 0.74% और फार्मा 0.17% गिरा। इसके उलट, PSU बैंक 1.69%, मेटल 2.03% और ऑटो 1.08% बढ़ा, जिसे मंथली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के बाद शॉर्ट कवरिंग से मदद मिली।

कम कीमतों पर नई खरीदारी और सेक्टोरल रोटेशन ने इंडेक्स को इंट्राडे के ज्यादातर नुकसान से उबरने में मदद की। लगातार विदेशी आउटफ्लो और ग्लोबल संकेतों ने सुस्त माहौल में योगदान दिया।

कम ट्रेडिंग में बाजारों ने लचीलापन दिखाया, और चुनिंदा खरीदारी ने प्रॉफिट-टेकिंग को बैलेंस किया, जिससे बाजार लगभग सपाट बंद हुए। निवेशक 2026 से पहले सतर्क हैं।