सेविल्स इंडिया की 24 दिसंबर, 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स (I&L) सेक्टर ने 2025 में **76.5 मिलियन वर्ग फुट** का अब तक का सबसे ज़्यादा सालाना ग्रॉस एब्जॉर्प्शन हासिल किया, जो पिछले साल के मुकाबले **18.6% की बढ़ोतरी** दिखाता है।
सरकारी नीतियों ने मैन्युफैक्चरिंग को सबसे बड़े ड्राइवर के तौर पर बढ़ावा दिया, जिसने **22 मिलियन वर्ग फुट (29%)** का योगदान दिया—जो 2024 में 22% से ज़्यादा है। इसके बाद थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) का नंबर 28%, FMCG/FMCD का 11%, रिटेल का 6%, और ई-कॉमर्स का 12% (2023 में 4% से बढ़कर) रहा।
सेविल्स इंडिया के इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर **श्रीनिवास एन** ने कहा, “भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत बदल रहा है, जो ‘मेड बाय इंडिया’ ग्लोबल प्लेटफॉर्म में बदल रहा है, जिससे घरेलू क्षमताओं और सप्लाई चेन इंटीग्रेशन को बढ़ावा मिल रहा है।”
टियर-I शहरों का दबदबा रहा, जहां **78% एब्जॉर्प्शन** और **82% सप्लाई** हुई, जबकि बाकी योगदान टियर-II/III शहरों का रहा। दिल्ली-NCR में सबसे ज़्यादा 17% एब्जॉर्प्शन हुआ, इसके बाद पुणे (15%) और मुंबई (14%) का नंबर रहा।
यह सेक्टर 2026 में और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है, जिसमें सप्लाई-चेन डाइवर्सिफिकेशन और खपत में बढ़ोतरी के बीच मैन्युफैक्चरिंग, 3PL और FMCG की वजह से एब्जॉर्प्शन और सप्लाई **80 मिलियन वर्ग फुट** से ज़्यादा होने का अनुमान है।
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