Q3 2025 में UPI में ज़बरदस्त उछाल: 59.33 बिलियन ट्रांजैक्शन, 709 मिलियन एक्टिव QR

वर्ल्डलाइन इंडिया की डिजिटल पेमेंट्स रिपोर्ट के एक स्नैपशॉट के अनुसार, भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) ने जुलाई-सितंबर 2025 (Q3) में **74.84 लाख करोड़ रुपये** के **59.33 बिलियन ट्रांजैक्शन** दर्ज किए, जो पिछले साल की तुलना में वॉल्यूम में 33.5% और वैल्यू में 21% की बढ़ोतरी है।

एक्टिव UPI QR कोड **709 मिलियन** तक पहुँच गए, जो जुलाई 2024 से 21% ज़्यादा है, जिससे किराना स्टोर, फार्मेसी, ट्रांसपोर्ट और ग्रामीण इलाकों में देश भर में “स्कैन-एंड-पे” को बढ़ावा मिला है।

पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन हावी रहे, जो 35% बढ़कर **37.46 बिलियन** हो गए, जबकि P2P की 29% बढ़ोतरी **21.65 बिलियन** रही। मोबिलिटी, फूड, हेल्थकेयर और हाइपरलोकल कॉमर्स में माइक्रो-पेमेंट्स के कारण औसत टिकट साइज़ गिरकर **1,262 रुपये** (1,363 रुपये से) हो गया।

PoS टर्मिनल 35% बढ़कर **12.12 मिलियन** (जुलाई 2024–2025) हो गए, जबकि UPI QR के दबदबे के कारण भारत QR में मामूली गिरावट आई और यह **6.10 मिलियन** हो गया। प्राइवेट बैंकों की एक्सेप्टेंस हिस्सेदारी 84% है।

जारी किए गए क्रेडिट कार्ड 8% बढ़कर **113.39 मिलियन** हो गए, जिसमें ट्रांजैक्शन 26% बढ़कर **1.45 बिलियन** (6.07 लाख करोड़ रुपये) हो गए। डेबिट कार्ड **1.02 बिलियन** तक पहुँच गए, लेकिन ट्रांजैक्शन में 22% की गिरावट आई क्योंकि कम वैल्यू वाले खर्च UPI पर चले गए। प्रीपेड कार्ड **470.1 मिलियन** थे।

मेट्रो शहरों और क्विक-सर्विस रिटेल में कॉन्टैक्टलेस और मोबाइल पेमेंट में तेज़ी आई।

आउटलुक: Q4 2025–2026 की शुरुआत में मोबिलिटी, हेल्थकेयर, फ्यूल और यूटिलिटीज़ में इंटरऑपरेबल QR, साथ ही UPI पर क्रेडिट को व्यापक रूप से अपनाने पर नज़र रहेगी।

यह ग्लोबल रियल-टाइम पेमेंट में भारत की बढ़त को मज़बूत करता है।