यूरिक एसिड का बढ़ना आज एक आम समस्या बन चुकी है, लेकिन क्या आप जानती हैं कि महिलाओं में यह समस्या पुरुषों से अलग तरीके से और कई बार ज्यादा तेजी से बढ़ सकती है? शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर जोड़ों में दर्द, सूजन, किडनी स्टोन और गाउट जैसी समस्याएं उभर सकती हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर महिलाओं में इसके बढ़ने के कारण क्या हैं और वे पुरुषों से कैसे अलग हैं।
यहां जानें 4 प्रमुख कारण जो महिलाओं में यूरिक एसिड लेवल बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं:
- हार्मोनल बदलाव: एस्ट्रोजन की कमी का बड़ा असर
महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन एक महत्वपूर्ण हार्मोन है जो यूरिक एसिड को किडनी के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है।
रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद एस्ट्रोजन तेजी से कम हो जाता है, जिससे शरीर में यूरिक एसिड जमा होने लगता है।
इसी वजह से 40–45 वर्ष के बाद महिलाओं में यूरिक एसिड की समस्या तेजी से बढ़ती दिखती है।
- थायरॉयड की समस्या (Hypothyroidism)
महिलाओं में थायरॉयड की समस्या पुरुषों की तुलना में कई गुना अधिक पाई जाती है।
थायरॉयड कमज़ोर होने से मेटाबोलिज़्म धीमा हो जाता है,
किडनी का फ़िल्ट्रेशन धीमा पड़ता है,
और इसके कारण यूरिक एसिड शरीर से ठीक तरह बाहर नहीं निकल पाता।
थायरॉयड रोगियों में यूरिक एसिड बढ़ना बहुत आम है।
- लाइफस्टाइल और डाइट संबंधी कारण
कुछ आदतें महिलाओं में अधिक आम हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से यूरिक एसिड बढ़ा सकती हैं:
वजन कम करने के लिए क्रैश डाइट करना
भोजन में प्रोटीन की अधिकता या हाई-फ्रक्टोज फूड
कम पानी पीना
लंबे समय तक बैठना और फिजिकल एक्टिविटी की कमी
ये सभी कारण शरीर में प्यूरीन मेटाबॉलिज़्म को प्रभावित करते हैं और यूरिक एसिड लेवल बढ़ाने लगते हैं।
- गर्भावस्था और मेटाबोलिक परिवर्तन
गर्भावस्था में महिलाओं के शरीर में कई प्रकार के बायो-केमिकल बदलाव होते हैं।
किडनी पर अतिरिक्त दबाव
ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव
वजन बढ़ना
इंसुलिन रेजिस्टेंस
इन सभी कारणों से यूरिक एसिड का स्तर अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। कुछ मामलों में यह लंबे समय तक बना रह सकता है।
कैसे करें नियंत्रण? (Useful Tips)
पानी और लिक्विड का सेवन बढ़ाएं
हाई प्यूरीन फूड जैसे रेड मीट, ऑर्गन मीट, बीयर, और फ्रक्टोज सिरप से बचें
विटामिन C और फाइबर युक्त भोजन शामिल करें
नियमित व्यायाम करें
थायरॉयड और यूरिक एसिड की नियमित जांच करवाएं
महिलाओं में यूरिक एसिड बढ़ने के कारण पुरुषों से काफी अलग होते हैं। इसलिए सही समय पर टेस्ट कराना, डाइट में बदलाव और लाइफस्टाइल मैनेजमेंट अपनाना बेहद जरूरी है। इससे न केवल यूरिक एसिड कंट्रोल में रहता है बल्कि जोड़ों और किडनी की सेहत भी सुरक्षित रहती है।
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