क्या वॉकिंग से सच में हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है? जानिए एक्सपर्ट की राय

आज की तेजी से बदलती जीवनशैली में हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है। बढ़ता तनाव, गलत खानपान और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। हाई ब्लड प्रेशर के कारण दिल की बीमारियां, स्ट्रोक और किडनी संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं, इसलिए इसे नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। इस संदर्भ में स्वास्थ्य विशेषज्ञ अक्सर वॉकिंग को एक सरल और प्रभावी उपाय के तौर पर सुझाते हैं। लेकिन क्या वाकई वॉकिंग से हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रण में आता है? चलिए जानते हैं इस सवाल का जवाब।

वॉकिंग और हाई ब्लड प्रेशर का संबंध

मेडिकल रिसर्च से पता चला है कि नियमित वॉकिंग, खासकर तेज चलना, उच्च रक्तचाप को कम करने में सहायक हो सकता है। वॉकिंग से दिल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे रक्त परिसंचरण बेहतर होता है और रक्त वाहिकाओं में तनाव कम होता है। इस प्रक्रिया से रक्तचाप का स्तर नियंत्रित रहता है और हृदय रोगों का खतरा घटता है।

वॉकिंग क्यों है फायदेमंद?

कार्डियोवास्कुलर हेल्थ में सुधार: वॉकिंग से दिल की कार्यक्षमता बढ़ती है, जिससे रक्तप्रवाह बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।

वज़न नियंत्रण: वॉकिंग वजन कम करने में मदद करती है, जो उच्च रक्तचाप को घटाने का एक बड़ा कारक है। वजन घटने से रक्त वाहिकाओं पर दबाव कम होता है।

तनाव कम करना: तनाव भी ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाला प्रमुख कारण है। वॉकिंग से शरीर में एंडॉर्फिन नामक हार्मोन रिलीज होता है, जो मानसिक तनाव को कम करता है।

इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार: वॉकिंग शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाती है, जिससे डायबिटीज़ जैसी समस्याएं कम होती हैं, जो ब्लड प्रेशर को भी प्रभावित करती हैं।

कितनी वॉकिंग जरूरी है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट की तेज वॉकिंग करने की सलाह देते हैं। इसे आप 3 से 5 हिस्सों में भी बांट सकते हैं, जैसे सुबह 15 मिनट, दोपहर 15 मिनट और शाम 15 मिनट। लगातार ऐसा करने से कुछ हफ्तों में ही ब्लड प्रेशर में सुधार महसूस किया जा सकता है।

किन बातों का रखें ध्यान?

शुरुआत में तेज चलने से बचें, धीरे-धीरे गति बढ़ाएं।

नियमित अंतराल पर वॉकिंग करें।

आरामदायक जूते पहनें और सही पोशाक चुनें।

हाइड्रेटेड रहें और मौसम के अनुसार वॉकिंग करें।

अगर ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

विशेषज्ञों का क्या कहना है?

हृदय रोग विशेषज्ञों का मानना है कि वॉकिंग को उच्च रक्तचाप के उपचार का एक आवश्यक हिस्सा माना जाना चाहिए। हालांकि, यह अकेले दवा का विकल्प नहीं है, लेकिन दवाओं के साथ संयोजन में वॉकिंग बहुत कारगर साबित होती है। साथ ही, जीवनशैली में बदलाव जैसे सही खानपान, तनाव प्रबंधन और धूम्रपान से दूर रहना भी जरूरी है।

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