दूध को भारतीय आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, सभी के लिए दूध को एक सम्पूर्ण आहार की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें कैल्शियम, विटामिन D, प्रोटीन, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद होते हैं।
लेकिन हाल के वर्षों में डॉक्टर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स यह चेतावनी दे रहे हैं कि दूध हर किसी के शरीर के लिए अनुकूल नहीं होता। कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में दूध का सेवन नुकसानदायक भी साबित हो सकता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
डायटीशियन डॉ. के अनुसार:
“दूध एक संपूर्ण आहार है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति की पाचन प्रणाली इसे स्वीकार करे। कुछ लोगों के लिए दूध रोज़ाना पीना एलर्जी, पेट की समस्याएं या यहां तक कि त्वचा संबंधी रोगों का कारण बन सकता है।”
किन लोगों को दूध से बनानी चाहिए दूरी?
1. लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोग
लैक्टोज इनटॉलरेंस एक आम स्थिति है जिसमें शरीर दूध में मौजूद लैक्टोज को पचा नहीं पाता। इसका लक्षण होता है:
पेट फूलना
डायरिया
गैस और मरोड़
मतली
ऐसे लोग दूध के बजाय लैक्टोज-फ्री दूध या प्लांट-बेस्ड विकल्प (जैसे बादाम, सोया या ओट मिल्क) का उपयोग करें।
2. साइनस या बलगम की समस्या वाले लोग
दूध का सेवन कई लोगों में बलगम बनाता है, जिससे साइनस या अस्थमा की समस्या और भी बिगड़ सकती है।
यदि सर्दी-खांसी या एलर्जी की प्रवृत्ति है, तो ठंडे दूध से बचें या सीमित मात्रा में गर्म दूध लें।
3.एक्जिमा या त्वचा रोगों से पीड़ित व्यक्ति
कुछ शोधों में पाया गया है कि डेयरी उत्पाद एक्जिमा जैसे त्वचा रोगों को ट्रिगर कर सकते हैं, खासकर बच्चों में।
ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह लेकर दूध या डेयरी को कुछ समय के लिए डाइट से हटाना बेहतर हो सकता है।
4 पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) वाली महिलाएं
PCOS से जूझ रहीं महिलाओं को डेयरी उत्पादों से सूजन, हार्मोनल असंतुलन और मुहांसों जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
ऐसे में लो-फैट दूध या डेयरी-फ्री विकल्प अपनाना समझदारी है।
5. ऑटोइम्यून बीमारियों वाले मरीज
जिन लोगों को रूमेटाइड अर्थराइटिस, ल्यूपस जैसी बीमारियां हैं, उनके लिए डेयरी सूजन (inflammation) को बढ़ा सकती है।
ऐसे रोगियों को डॉक्टर की सलाह पर दूध का सेवन नियंत्रित करना चाहिए।
दूध पिएं लेकिन समझदारी से
अगर दूध से कोई दिक्कत नहीं है तो यह एक बेहतरीन पोषण स्रोत है।
लेकिन यदि दूध पीने के बाद बार-बार स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लें और वैकल्पिक विकल्प खोजें।
यह भी पढ़ें:
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News