किडनी यानी गुर्दे शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का अहम कार्य करते हैं। यह फिल्टर की तरह काम करते हुए हमारे रक्त को साफ करते हैं और शरीर के तरल संतुलन को बनाए रखते हैं। लेकिन जब किडनी सही तरीके से काम नहीं करती, तो इसका असर सबसे पहले पेशाब (Urine) पर दिखाई देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, किडनी फेल होने से पहले शरीर कई संकेत देता है, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते इन लक्षणों को पहचान लिया जाए और सही इलाज शुरू कर दिया जाए, तो किडनी फेलियर से बचा जा सकता है।
डॉक्टरों की चेतावनी: पेशाब में दिखने लगते हैं शुरुआती लक्षण
“किडनी की बीमारी का पता अक्सर तब चलता है जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है। लेकिन असल में शरीर बहुत पहले से संकेत देने लगता है — खासकर पेशाब के माध्यम से।”
नीचे जानिए वे 5 प्रमुख लक्षण, जो किडनी फेलियर की ओर इशारा करते हैं:
1. पेशाब में झाग या फोम बनना
अगर पेशाब करते समय उसमें अत्यधिक झाग या बबल्स बन रहे हैं, तो यह प्रोटीन लीक होने का संकेत हो सकता है। यह किडनी डैमेज का शुरुआती लक्षण है।
2. बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में
अगर रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़ रहा है, तो यह किडनी की फ़िल्टरिंग क्षमता में कमी का संकेत हो सकता है।
3. पेशाब का रंग बदलना या उसमें खून आना
पेशाब का बहुत गहरा पीला, ब्राउन या गुलाबी होना या उसमें खून आना गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है। यह किडनी इंफेक्शन या डैमेज का लक्षण हो सकता है।
4. पेशाब करते समय जलन या दर्द
इसे अक्सर यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन बार-बार ऐसा होना किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।
5. पेशाब की मात्रा में अचानक बदलाव
बहुत कम या बहुत अधिक पेशाब आना — दोनों ही स्थिति किडनी फेलियर की ओर संकेत करती हैं।
जांच और इलाज में देर न करें
अगर इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए, तो तुरंत नेफ्रोलॉजिस्ट से संपर्क करें और निम्नलिखित जांच कराएं:
क्रिएटिनिन और यूरिया टेस्ट
ईजीएफआर (eGFR) टेस्ट
अल्ट्रासाउंड
यूरिन एनालिसिस
डॉक्टर के अनुसार, शुरुआत में इलाज संभव है। जीवनशैली में बदलाव, सही खानपान और दवाओं से स्थिति को कंट्रोल किया जा सकता है।
बचाव के उपाय क्या हैं?
नमक और प्रोसेस्ड फूड का कम सेवन
पानी पर्याप्त मात्रा में पीना
ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल में रखना
समय-समय पर मेडिकल जांच करवाना
खुद से पेनकिलर या एंटीबायोटिक न लेना
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