दांतों की लापरवाही से हो सकता है मुंह का कैंसर, जानिए बचाव के आसान उपाय

दांतों का स्वास्थ्य हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य से गहरा जुड़ा हुआ है। परंतु क्या आप जानते हैं कि दांतों और मुंह के स्वास्थ्य की अनदेखी गंभीर बीमारियों, जैसे कैंसर, का कारण भी बन सकती है? हाल ही में विभिन्न शोधों और एक्सपर्ट की राय ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि दांतों से जुड़ी कुछ आदतें और समस्याएं कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती हैं।

दांत बनना और कैंसर के बीच क्या है संबंध?

सबसे पहले यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि “दांत बनना” का मतलब दांतों का निकलना या स्वास्थ्यपूर्ण विकास है, और यह अपने आप में कैंसर का कारण नहीं बनता। लेकिन जब दांतों और मसूड़ों की देखभाल सही तरीके से नहीं की जाती, तो संक्रमण, मसूड़ों की सूजन (गिंगिवाइटिस), और मसूड़ों की गंभीर बीमारी (पेरियोडॉन्टाइटिस) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी समस्याएं अगर लम्बे समय तक बनी रहें, तो वे मुंह के कैंसर सहित अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती हैं।

एक्सपर्ट की राय:

डॉ.ओरोफेशियल कैंसर स्पेशलिस्ट, कहती हैं,
“मुंह की सफाई और दांतों की सही देखभाल न केवल दांतों को स्वस्थ रखती है, बल्कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से भी बचाव करती है। खराब दांत और मसूड़े, जो संक्रमण का केंद्र बन जाते हैं, वे कैंसर के लिए प्रबल खतरा हो सकते हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि कई बार दांतों में लगी गंदगी, पीलापन, और मसूड़ों में सूजन ऐसी चेतावनी होती है जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

कैंसर के लिए बढ़ते जोखिम के कारण

धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन: दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाकर कैंसर की संभावना बढ़ाते हैं।

मुंह की साफ-सफाई में लापरवाही: बैक्टीरिया के कारण संक्रमण और सूजन होती है, जो कैंसर का कारण बन सकती है।

मसूड़ों की बीमारी: जो गम्भीर अवस्था में पहुंच जाती है तो कैंसर का खतरा रहता है।

दांतों में लंबे समय तक फंसा हुआ भोजन: जो संक्रमण को जन्म देता है।

कुपोषण और कमजोर इम्यून सिस्टम: शरीर को संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम कर देता है।

कैंसर से बचाव के लिए जरूरी सुझाव

दैनिक दो बार ब्रश करें और फ्लॉस का इस्तेमाल करें।

धूम्रपान और तम्बाकू से पूरी तरह बचें।

मसूड़ों की सूजन या दर्द को गंभीरता से लें और डेंटिस्ट से समय पर जांच कराएं।

संतुलित आहार लें, जिसमें विटामिन और खनिज पर्याप्त मात्रा में हों।

मौखिक कैंसर के शुरुआती लक्षणों जैसे घाव, सफेद या लाल दाग, दर्द या सूजन को नजरअंदाज न करें।

नवीनतम शोध क्या कहते हैं?

हाल के एक अध्ययन में पाया गया है कि मुंह की अच्छी साफ-सफाई न होने पर दांतों और मसूड़ों में जमा होने वाले बैक्टीरिया कैंसर के लिए एक बढ़ावा बन सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह संक्रमण शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

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