आजकल बदलती लाइफ़स्टाइल और गलत खानपान की वजह से यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या आम होती जा रही है। जब शरीर में प्यूरिन (Purine) नामक तत्व पूरी तरह पच नहीं पाता तो यह यूरिक एसिड में बदलकर खून में जमा होने लगता है। धीरे-धीरे यह जोड़ों में जमा होकर गठिया (Arthritis) और तीव्र दर्द की वजह बन जाता है।
आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में ऐसे कई आसान उपाय बताए गए हैं, जिनसे यूरिक एसिड को नेचुरल तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है। उनमें से एक है चावल का मांड (Rice Water)।
चावल का मांड क्यों है फायदेमंद?
- चावल का मांड हल्का और आसानी से पचने वाला पेय है।
- यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है।
- मांड प्यूरिन को पचाने और यूरिक एसिड का स्तर कम करने में कारगर माना जाता है।
- इसमें मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स शरीर को एनर्जी और ताकत देते हैं।
कैसे बनाएं चावल का मांड?
- आधा कप चावल धोकर एक बर्तन में डालें।
- इसमें लगभग 3–4 कप पानी डालकर अच्छे से उबालें।
- जब चावल आधे से ज़्यादा पक जाएँ तो पानी छान लें।
- यही पानी मांड कहलाता है। इसे हल्का गुनगुना करके पी सकते हैं।
कब और कैसे पिएं?
- रोज़ाना सुबह खाली पेट या दोपहर के भोजन से पहले 1 गिलास मांड पीना फायदेमंद है।
- 15 दिनों तक लगातार सेवन करने से यूरिक एसिड लेवल में सुधार महसूस हो सकता है।
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
- बढ़े हुए यूरिक एसिड से परेशान लोग
- गठिया और जोड़ों के दर्द के मरीज
- पाचन संबंधी दिक़्क़त झेल रहे लोग
सावधानी
- चावल का मांड घरेलू नुस्खा है, यह दवा का विकल्प नहीं है।
- डायबिटीज़ या गंभीर मरीज इसे अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
- अत्यधिक सेवन से ब्लड शुगर लेवल पर असर हो सकता है।
यूरिक एसिड की समस्या को नियंत्रित करने के लिए चावल का मांड एक सरल, सस्ता और घरेलू उपाय है। इसे 15 दिनों तक नियमित रूप से पीने से जोड़ों का दर्द कम हो सकता है और यूरिक एसिड लेवल भी नियंत्रित रह सकता है।
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