पेट दर्द को अक्सर मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार पेट में दर्द की जगह और प्रकृति इस बात का संकेत हो सकती है कि शरीर में कौन-सी बीमारी पनप रही है। पेट शरीर का एक जटिल अंग है जिसमें लिवर, किडनी, आंत, पित्ताशय, अपेंडिक्स और अन्य महत्वपूर्ण अंग मौजूद होते हैं। इन अंगों में से किसी में भी समस्या हो, तो दर्द अलग-अलग जगहों पर महसूस हो सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि पेट दर्द की सही लोकेशन, समय, तीव्रता और लक्षण को समझकर किसी गंभीर बीमारी की पहचान शुरुआती स्तर पर की जा सकती है। चलिए जानते हैं कि पेट के किस हिस्से में दर्द होना किस बीमारी का संकेत हो सकता है।
पेट में दर्द की जगह और संभावित बीमारी
1. ऊपरी दाहिनी ओर दर्द (Right Upper Abdomen):
यह दर्द गॉलब्लैडर (पित्ताशय) की पथरी या लिवर संबंधी रोगों जैसे हेपेटाइटिस का संकेत हो सकता है। आमतौर पर यह दर्द खाने के बाद बढ़ जाता है।
2. ऊपरी बाईं ओर दर्द (Left Upper Abdomen):
यह दर्द पैनक्रियास की सूजन (Pancreatitis) या स्प्लीन (तिल्ली) से जुड़ी समस्या को दर्शा सकता है। कभी-कभी यह हार्ट अटैक के लक्षण के रूप में भी सामने आ सकता है।
3. निचली दाहिनी ओर दर्द (Right Lower Abdomen):
यह स्थान अपेंडिक्स की समस्या (Appendicitis) से जुड़ा होता है। अगर दर्द लगातार बढ़ रहा हो और उल्टी या बुखार साथ हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
4. निचली बाईं ओर दर्द (Left Lower Abdomen):
यह दर्द महिलाओं में ओवरी की समस्या, या डाइवर्टीकुलाइटिस (आंतों में सूजन) का संकेत हो सकता है।
5. मध्य पेट में दर्द (Central Abdomen):
यह दर्द अक्सर गैस, एसिडिटी या पेट की जलन के कारण होता है, लेकिन छोटी आंत की समस्या का भी लक्षण हो सकता है।
6. पेट के निचले हिस्से में दर्द (Pelvic Pain):
यह दर्द महिलाओं में यूटेरस या अंडाशय की समस्या से जुड़ा हो सकता है। पुरुषों में यह प्रोस्टेट से संबंधित हो सकता है।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट, कहते हैं—
“पेट दर्द की सही पहचान तभी संभव है जब मरीज सही तरीके से उसकी लोकेशन और लक्षण बताए। कई बार दर्द मामूली गैस का होता है, लेकिन कुछ केस में यह गंभीर सर्जिकल इमरजेंसी तक पहुंच सकता है।”
वे कहते हैं कि आलस्य, उल्टी, बुखार, वजन कम होना, या मल में खून आना जैसे लक्षण पेट दर्द के साथ दिखें, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्या करें, क्या न करें
दर्द की जगह और समय को नोट करें।
बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाएं न लें।
अगर दर्द बार-बार हो रहा है या लगातार बना हुआ है, तो अल्ट्रासाउंड या एंडोस्कोपी जैसी जांच कराएं।
संतुलित आहार लें और ज़्यादा मसालेदार खाना न खाएं।
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