हाथ-पैर में सूजन और दर्द का कारण हो सकता है पानी, जानें वॉटर रीटेंशन क्या है

अगर आपके हाथ-पैर अक्सर सूजते हैं और दर्द महसूस होता है, तो इसका कारण वॉटर रीटेंशन (पानी जमना) हो सकता है। यह शरीर में अतिरिक्त पानी और सोडियम के जमा होने के कारण होता है। अक्सर लोग इसे अनदेखा कर देते हैं, लेकिन समय पर समझना और उपाय करना बहुत जरूरी है।

वॉटर रीटेंशन क्या है?

वॉटर रीटेंशन तब होता है जब शरीर में तरल पदार्थ सामान्य से ज्यादा जमा हो जाते हैं। यह हाथ, पैर, टखने और पेट में सूजन के रूप में दिखाई देता है। इसे एडीमा भी कहते हैं।

वॉटर रीटेंशन के कारण

  1. अधिक नमक का सेवन – ज्यादा नमक शरीर में पानी जमा कर देता है।
  2. हार्मोनल बदलाव – प्रीमेंस्ट्रुअल या मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में पानी जम सकता है।
  3. कम सक्रिय जीवनशैली – लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने से पैरों में पानी जमता है।
  4. हार्ट, किडनी या लिवर की समस्या – गंभीर मामलों में यह संकेत हो सकता है।
  5. दवाइयों का असर – कुछ दवाइयों से भी शरीर में तरल पदार्थ जमा हो सकते हैं।

लक्षण

  • हाथ-पैर या टखनों में सूजन
  • त्वचा खींची हुई महसूस होना
  • सुबह के समय चेहरे की सूजन
  • वजन अचानक बढ़ना
  • जूते या अंगूठी टाइट लगना

वॉटर रीटेंशन को कम करने के उपाय

  1. नमक की मात्रा कम करें – खाना पकाते समय नमक कम डालें और प्रोसेस्ड फूड से बचें।
  2. पानी पर्याप्त पिएं – शरीर को हाइड्रेट रखने से अतिरिक्त पानी बाहर निकलता है।
  3. एक्टिव रहें – हल्की एक्सरसाइज या टहलना पैरों में खून के प्रवाह को बेहतर बनाता है।
  4. सोडियम और पोटैशियम का संतुलन – केला, पालक और खीरा जैसे फूड पोटैशियम बढ़ाते हैं।
  5. पैर उठाकर बैठें – पैरों को ऊपर उठाकर बैठना सूजन कम करने में मदद करता है।

कब डॉक्टर से सलाह लें?

  • सूजन के साथ तेज दर्द या लालिमा
  • सांस लेने में कठिनाई
  • अचानक वजन बढ़ना
  • लिवर, हार्ट या किडनी की बीमारी का इतिहास

हाथ-पैर में सूजन और दर्द सिर्फ पानी जमा होने की वजह से भी हो सकता है। संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज और सही जीवनशैली अपनाकर वॉटर रीटेंशन को कम किया जा सकता है। गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।