गर्मी का मौसम जहां शरीर से पसीने के रूप में पोषक तत्वों को तेजी से खत्म करता है, वहीं इससे जुड़ी थकान, कमजोरी और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण शरीर में विटामिन B-12 की कमी की ओर इशारा करते हैं। विटामिन B-12 न केवल शरीर की एनर्जी बनाए रखने में सहायक है, बल्कि यह तंत्रिका तंत्र और दिमाग की सेहत के लिए भी बेहद जरूरी है।
आमतौर पर विटामिन B-12 का प्रमुख स्रोत पशु उत्पाद माने जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ चुनिंदा फल—खासकर गर्मियों के सुपरफ्रूट्स—भी शरीर को प्राकृतिक रूप से B-12 के स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं? आइए जानते हैं किन फलों को अपनी डाइट में शामिल कर आप इस गर्मी न केवल तरोताजा रह सकते हैं, बल्कि शरीर को जरूरी विटामिन्स से भी भर सकते हैं।
क्यों जरूरी है विटामिन B-12?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन B-12 की कमी से शरीर में रक्त की गुणवत्ता गिरती है, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं, थकावट बनी रहती है और याददाश्त भी कमजोर होने लगती है। यह खासतौर पर शाकाहारी लोगों में अधिक देखने को मिलता है क्योंकि उनके आहार में B-12 के स्रोत सीमित होते हैं।
गर्मियों के ये सुपरफ्रूट्स बनेंगे नेचुरल B-12 सप्लीमेंट
1. आम (Mango):
आम को ‘फलों का राजा’ यूं ही नहीं कहा जाता। इसमें विटामिन A, C, और E के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा देने वाले तत्व पाए जाते हैं। हालांकि B-12 सीधे रूप से नहीं होता, लेकिन आम शरीर के मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त कर B-12 के अवशोषण में सहायक होता है।
2. पपीता (Papaya):
पपीता पाचन के लिए तो फायदेमंद है ही, साथ ही यह शरीर में विटामिन B ग्रुप के समुचित अवशोषण में मदद करता है। इसे खाली पेट खाने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से ग्रहण करता है।
3. जामुन (Jamun):
गर्मियों में मिलने वाला यह फल एंटीऑक्सीडेंट्स और खनिजों से भरपूर होता है। आयुर्वेद में इसे रक्त शुद्धि और नर्व सिस्टम के लिए फायदेमंद माना गया है, जो B-12 की भूमिका को समर्थन देता है।
4. तरबूज (Watermelon):
90% पानी से भरपूर यह फल शरीर को हाइड्रेट रखता है और पोषक तत्वों के संचरण को बेहतर बनाता है। इसका नियमित सेवन पाचन और ऊर्जा स्तर को बढ़ावा देता है।
5. अमरूद (Guava):
अमरूद में फाइबर के साथ-साथ विटामिन C, फोलेट और अन्य बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन होते हैं, जो शरीर में B-12 के संतुलन में सहयोग करते हैं।
6. कीवी (Kiwi):
हालांकि यह फल भारत में सीमित मात्रा में मिलता है, लेकिन इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन B-6, फोलेट और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो B-12 के अवशोषण को बढ़ाते हैं।
क्या कहती हैं न्यूट्रिशन एक्सपर्ट?
न्यूट्रिशनिस्ट डॉ.बताती हैं:
“विटामिन B-12 का सीधे स्रोत फल नहीं होते, लेकिन कुछ फल शरीर की आंतरिक प्रणाली को इस तरह मजबूत करते हैं कि शरीर अपने भीतर B-12 को अधिक अच्छी तरह प्रोसेस कर पाता है। इसलिए इन सुपरफ्रूट्स को डाइट में शामिल करना लाभदायक है।”
बी-12 की कमी के लक्षण
लगातार थकान
हाथ-पैरों में झनझनाहट
एकाग्रता में कमी
सांस फूलना
पीली त्वचा
कमजोरी और चक्कर आना
यदि उपरोक्त लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर विटामिन B-12 का टेस्ट करवाना जरूरी है।
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