बुजुर्गों में बार-बार चक्कर आना: कमजोरी नहीं, हो सकता है मस्तिष्क से जुड़ा संकेत

बुजुर्गों में बार-बार चक्कर आना या बेहोशी की स्थिति बनना अक्सर कमज़ोरी या थकान से जोड़ दिया जाता है। लेकिन विशेषज्ञों की राय में यह लक्षण केवल कमजोरी का परिणाम नहीं बल्कि मस्तिष्क या नर्वस सिस्टम से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। समय पर इसका निदान और उपचार न होने पर यह स्थिति गंभीर स्वास्थ्य संकट में बदल सकती है।

बुजुर्गों में चक्कर आने के संभावित कारण

मस्तिष्क की रक्त परिसंचरण समस्या
मस्तिष्क तक सही मात्रा में रक्त न पहुंचने पर चक्कर आना आम है। इसके पीछे उच्च रक्तचाप, धमनियों में तंगी (एथेरोस्क्लेरोसिस) या हार्ट की बीमारी हो सकती है।

न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर
मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियां जैसे पार्किंसंस रोग, मल्टीपल स्क्लेरोसिस या किसी तरह का न्यूरोलॉजिकल डैमेज भी चक्कर आने का कारण हो सकती हैं।

वर्टिगो या मिर्गी के लक्षण
वर्टिगो में व्यक्ति को घूमने या गिरने जैसा महसूस होता है। यह भी चक्कर का एक प्रकार है, जो मस्तिष्क या कान के अंदरूनी हिस्से के समस्या के कारण होता है।

डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन
खून में पानी या खनिजों की कमी से भी चक्कर आ सकता है, जो बुजुर्गों में सामान्य है।

दवाइयों का साइड इफेक्ट
कुछ दवाइयां जैसे ब्लड प्रेशर की दवाएं या नींद की गोलियां चक्कर का कारण बन सकती हैं।

चक्कर आने के लक्षण और पहचान

अचानक कमजोरी या बेहोशी महसूस होना

संतुलन खोना और गिरने का डर

दृष्टि धुंधली होना

सिर चकराना और मतली

नाक या कान से अनियमित धड़कन महसूस होना

क्या करें जब बुजुर्ग को बार-बार चक्कर आए?

तुरंत उन्हें आरामदायक स्थिति में ले जाएं और बैठाएं।

पानी पिलाएं या इलेक्ट्रोलाइट युक्त ड्रिंक दें।

दवाइयों की सूची डॉक्टर को दिखाएं।

अगर चक्कर बहुत बार हो या बेहोशी की स्थिति बनी रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, खासकर ब्लड प्रेशर, शुगर और न्यूरोलॉजिकल टेस्ट।

विशेषज्ञ की सलाह

न्यूरोलॉजिस्ट, कहते हैं:

“बुजुर्गों में बार-बार चक्कर आना किसी भी मामूली समस्या का संकेत नहीं होता। यह मस्तिष्क की गंभीर बीमारी या ब्लड सर्कुलेशन में रुकावट का इशारा हो सकता है। ऐसे में तुरंत जांच और सही इलाज जरूरी है।”

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