नयी दिल्ली (एजेंसी/वार्ता): भारत के उच्च शिक्षा के 94 प्रतिशत छात्र बहु-विषयक डिग्री के लिए पढ़ाई करना चाहते हैं, जिससे उन्हें अपने कार्यक्रम के तहत कई क्षेत्रों से विषयों का चयन करने की अनुमति मिल सके। शिक्षण समाधान कंपनियों में से एक टीमलीज़ एडटेक द्वारा जारी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इसमें अखिल भारतीय स्तर पर 18-25 वर्ष की आयु के 10,000 से अधिक स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों का सर्वेक्षण किया गया और इसके बाद व्यापक डेटा विश्लेषण, डेटा तैयार करना और रिपोर्ट लेखन किया गया। यह रिपोर्ट पारंपरिक शिक्षार्थियों की उभरती प्राथमिकताओं और आकांक्षाओं को एक विश्वसनीय आवाज देकर उनकी खोज करने के प्रयास में तैयार की गई थी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दूसरी सालगिरह के मौके पर कंपनी ने अपने अंतिम लाभार्थियों – छात्रों के साथ बातचीत में शामिल होने के लिए एक मिशन शुरू किया। टीमलीज़ एडटेक ने शहरों, राज्यों और यहां तक कि छोटे शहरों के छात्रों के साथ एक व्यापक सर्वेक्षण किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे उच्च शिक्षा के माध्यम से क्या हासिल करना चाहते हैं और अपनी खुद की शिक्षा को कैसे डिजाइन करना चाहते हैं। सर्वेक्षण और इसके परिणामी निष्कर्षों का उद्देश्य यह पता लगाना था कि एनईपी के तहत निर्धारित लक्ष्य शिक्षार्थियों की आकांक्षाओं के अनुरूप हैं या नहीं।
सर्वेक्षण में बताया गया है कि 94 प्रतिशत शिक्षार्थी एक बहु-विषयक डिग्री के लिए पढ़ाई करना चाहते हैं, जिससे उन्हें अपने कार्यक्रम के तहत कई क्षेत्रों से विषयों का चयन करने की अनुमति मिलती है। जो छात्र कॅरियर की प्रगति के लिए लचीले विकल्पों के लिए दो अलग-अलग शैक्षणिक धाराओं में गहन जुड़ाव की तलाश कर रहे हैं, वे दोहरी डिग्री का विकल्प चुन सकते हैं।
-एजेंसी/वार्ता
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